केस्को में 1.68 करोड़ की साइबर ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

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केस्को के खाते में 91 लाख की वापसी, 6 आरोपी गिरफ्तार

केस्को साइबर ठगी: कानपुर पुलिस आयुक्त कमिश्नर कानपुर नगर के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त अपराध के नेतृत्व में और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर अपराध टीम की तत्परता और कुशलता से केस्को कानपुर नगर के खाते में करीब 91 लाख 22 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। इस बड़ी सफलता को लेकर पुलिस विभाग की सराहना हो रही है, वहीं केस्को के अधिकारी राहत की सांस ले रहे हैं।

ठगी का मामला दर्ज

यह मामला 27 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने केस्को की वेबसाइट पर गेटवे यूआरएल में बदलाव करके जून से जुलाई 2023 के बीच 1.68 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। इस ठगी का पता तब चला जब आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हेड, श्री राजीव रंजन, ने सूचना दी कि ग्राहकों द्वारा किए गए बिल पेमेंट और रिचार्ज का पैसा बैंक में ट्रांसफर नहीं हुआ था, बल्कि अन्य खातों में भेजा गया था।

पुलिस की कार्यवाही

जांच के दौरान, पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 1905 उपभोक्ताओं ने भुगतान किया था, लेकिन राशि बैंक में नहीं पहुंची थी। साइबर क्राइम ब्रांच ने ठगी के इस नेटवर्क को उजागर करते हुए छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उन्होंने ठगी की पूरी प्रक्रिया का राजफाश किया और इस बड़ी साइबर हैकिंग की घटना का सफल अनावरण किया।

ठगी का तरीका

हैकर्स ने हर एक-दो घंटे के अंतराल पर केस्को के गेटवे के यूआरएल में छेड़छाड़ की और ऑनलाइन जमा हो रही राशि को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। यह खाता आईसीआईसीआई बैंक की बड़ौत शाखा में ‘केस्को इलेक्ट्रॉनिक’ के नाम से खोला गया था। इस घोटाले में बिजली ठेकेदार विवेक शर्मा भी शामिल था, जिसने बागपत में 22 खाते खुलवाए थे। इन खाताधारकों को भी साइबर टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस की सतर्कता और साइबर टीम की कुशलता से इस बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ।

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