कानपुर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में की गई उर्वरक उपलब्धता व डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा बैठक
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कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जनपद में उर्वरक की उपलब्धता एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उर्वरक विक्रय केंद्रों पर रहेगी निगरानी
सबसे पहले, उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया कि जिले में वर्तमान समय में 6612 मीट्रिक टन यूरिया, 7044 मीट्रिक टन डीएपी, 7402 मीट्रिक टन एनपीके, 545 मीट्रिक टन एमओपी तथा 955 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरक विक्रय केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जाए और प्राप्त उर्वरकों का शत-प्रतिशत वितरण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या ओवर रेटिंग का मामला सामने आया तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सर्वे पर दिए यह निर्देश
इसके बाद उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह कार्य शासन की प्राथमिकता में है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाना चाहिए। वर्तमान में लेखपाल, रोजगार सेवक, पंचायत सहायक तथा कृषि विभाग के कर्मचारी 857 राजस्व ग्रामों में एग्री स्टैक मोबाइल एप के माध्यम से खेतवार आंकड़े दर्ज कर रहे हैं। इस ऐप पर उपलब्ध आंकड़ों से बोई गई फसलों और उनके रकबे का सटीक डाटा प्राप्त होगा।
डीएम ने बताया सर्वे का मुख्य कार्य इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने समझाया कि इस डिजिटल सर्वे से भविष्य में आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या आगजनी के समय फसल क्षति का त्वरित आकलन हो सकेगा, जिससे किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही किसानों को योजनाओं के बार-बार सत्यापन की आवश्यकता से भी मुक्ति मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सकेगा।
बैठक में शामिल रहे यह अधिकारी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपनी तहसीलों में सर्वे की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, एसडीएम नरवल विवेक मिश्रा, एसडीएम घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक आर.एस. वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।