याचिका समिति ने की कानपुर में समीक्षा, पढ़िए सभापति ने समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण पर दिया निर्देश
कानपुर: सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की **याचिका समिति** की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सभापति अशोक अग्रवाल ने की। समिति के सदस्य **अरुण पाठक, श्री मुकुल यादव और अनूप गुप्ता ने विभिन्न प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में कानपुर नगर से संबंधित कुल 12 प्रकरणों पर विचार किया गया। इनमें से 8 प्रकरण नगर निगम कानपुर से, जबकि शेष चार प्रकरण आवास एवं विकास परिषद, उपायुक्त पुलिस, कानपुर विकास प्राधिकरण और पर्यटन विभाग से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त बैठक में कानपुर देहात और औरैया जनपदों से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
सभापति ने दिए निर्देश
माननीय सभापति अशोक अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समिति को प्राप्त संदर्भ और याचिकाओं का निस्तारण त्वरित, संवेदनशील और पारदर्शी ढंग से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी की गई कार्रवाई की जानकारी समयबद्ध रूप से समिति को प्रेषित की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी **जितेंद्र प्रताप सिंह** ने इस आश्वासन के साथ बैठक में उपस्थित अधिकारियों को जानकारी दी कि समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
समीक्षा में शामिल थे अन्य अधिकारी
बैठक में उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे सदस्य विधान परिषद सलिल विश्नोई, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, अपर जिलाधिकारी नगर राजेश कुमार। विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने संबंधित प्रकरणों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण
बैठक में मुख्य रूप से यह बात सामने आई कि याचिका समिति को प्राप्त प्रकरणों में यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो जनता की शिकायतों का समाधान बाधित होता है। इसलिए सभापति ने विशेष जोर देकर कहा कि प्रत्येक याचिका का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण होना चाहिए।
इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पुलिस विभाग और पर्यटन विभाग सभी संबंधित प्रकरणों की रिपोर्ट समिति को नियमित रूप से भेजें ताकि समिति आवश्यक निर्देश जारी कर सके।
कानपुर और आसपास के प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में कानपुर नगर के अलावा कानपुर देहात और औरैया जिलों के प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रकरणों की वर्तमान स्थिति और निस्तारण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रकरणों में जनहित और पारदर्शिता का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।
समीक्षा बैठक का रहा यह मुख्य उद्देश्य
याचिका समिति की यह बैठक यह संदेश देती है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद जनता की शिकायतों और याचिकाओं के निस्तारण में समयबद्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। सभापति अशोक अग्रवाल ने बैठक में दिए गए निर्देशों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि सभी संबंधित विभाग जनता की समस्याओं का समाधान पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से करें।