कानपुर पहुंचने वाली ट्रेन में बम की झूठी सूचना से मचा था हड़कंप, जानिए पकड़ा गया कौन?

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार दोपहर को आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन (गाड़ी संख्या 15708) में बम होने की झूठी सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने तुरंत संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। हालांकि जांच के दौरान ट्रेन में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई।

मोबाइल फोन से आई थी कॉल 

यह घटना तब सामने आई जब पुलिस के नंबर पर अचानक एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि आम्रपाली एक्सप्रेस में बम रखा हुआ है। इस सूचना के तुरंत बाद सुरक्षा बल सक्रिय हो गए। BDDS टीम, ACP कैंट, ACP LIU, SHO रेलबाजार, GRP और RPF की टीमों ने मिलकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन का सघन निरीक्षण किया। सभी डिब्बों की जांच की गई, लेकिन कोई भी खतरे की वस्तु नहीं मिली।

आगे पढ़िए क्या खुला रहस्य 

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर की पहचान कर कॉल करने वालों का पता लगाया। इसके बाद सामने आया कि यह झूठी सूचना दीपक चौहान और अंकित चौहान, पुत्रगण गुलाब सिंह, निवासी ग्राम राह, थाना घाटमपुर, जनपद कानपुर नगर द्वारा दी गई थी। पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि वे ट्रेन में बैठने को लेकर हुए विवाद के चलते गुस्से में झूठी सूचना दे बैठे थे। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस से क्षमा याचना की।

सहायक पुलिस आयुक्त छावनी, श्रीमती आकांक्षा पांडेय ने बताया कि वर्तमान में थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल पर दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या कह रहे जानकार 

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की झूठी सूचना सुरक्षा बलों की समय और संसाधनों की बर्बादी का कारण बनती है। साथ ही यह यात्री सुरक्षा और रेलवे परिचालन पर भी प्रभाव डाल सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

घटना ने रेलवे यात्रियों और आम जनता में भी सर्तकता का संदेश दिया है। यात्रियों को अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति या वस्तु की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों या पुलिस को दें, ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।

हालांकि इस बार कोई वास्तविक खतरा नहीं था, लेकिन रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों ने सावधानीपूर्वक जांच कर यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की आपदा से बचाव हो सके। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि झूठी सूचना भी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप कानूनी कार्यवाही अनिवार्य है।

इस पूरी घटना से यह भी संदेश जाता है कि समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार बहुत जरूरी है। रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता ने समय पर जांच और नियंत्रण सुनिश्चित किया।

संक्षेप में, कानपुर की आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन में बम की झूठी सूचना एक चेतावनी के रूप में सामने आई। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बलों की तत्परता के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव हुआ। अब आरोपी युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

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