कानपुर से सामने आई दर्दभरी खबर – राज्य स्तरीय स्विमिंग खिलाड़ी आरव की मौत, सपने में दिखता था डर

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कानपुर से आई एक बेहद दुखद खबर ने पूरे शहर को गहरे शोक में डाल दिया है। राज्य स्तरीय स्विमिंग खिलाड़ी आरव राज मिश्रा ने बुधवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, यह घटना कोहना थाना क्षेत्र की है। आरव मात्र 16 वर्ष के थे और जैन इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्र थे।

प्रतिभाशाली खिलाड़ी और मेधावी छात्र थे आरव

आरव न केवल एक राज्य स्तरीय तैराक थे बल्कि पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते थे। हाल ही में उन्होंने दसवीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उनके स्कूल प्रबंधन ने बताया कि वे खुशमिजाज, अनुशासित और प्रतिभाशाली छात्र थे।

स्कूल प्रशासन और मित्रों के अनुसार, आरव का स्वभाव शांत था और वे खेलकूद के साथ-साथ पढ़ाई में भी गहरी रुचि रखते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु की खबर ने स्कूल सहित पूरे खेल जगत को गहरा सदमा पहुंचाया है।मानसिक बीमारी से थे परेशान, सुसाइड नोट में दर्ज दर्द

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरव पिछले कुछ समय से सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा था — “दिन बीतने के साथ ही मैंने खुद को मार डाला है…”

यह वाक्य उनके भीतर चल रहे गहरे मानसिक संघर्ष को दर्शाता है। आरव की मोबाइल सर्च हिस्ट्री में भी इस बीमारी से जुड़ी जानकारी लगभग 65 बार खोजी गई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि वे लगातार अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे।

परिजनों ने बताया – सपनों में डरावनी छवियां दिखती थीं

परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरव को पिछले कुछ महीनों से सपनों में कुछ अनजान लोग दिखाई देते थे, जो उन्हें स्वयं या परिवार को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाते थे। परिवार ने बताया कि उन्होंने कई बार चिकित्सकों से परामर्श लिया था, परंतु स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हो सका। हालांकि, आरव का व्यवहार बाहर से सामान्य दिखाई देता था, लेकिन अंदर से वे गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया यह निष्कर्ष

घटना की सूचना मिलते ही कोहना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आत्महत्या की संभावना अधिक है। फिलहाल, फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल डेटा, सुसाइड नोट और अन्य दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

स्कूल और खेल जगत में शोक की लहर

जैन इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि “आरव बहुत ही प्रतिभाशाली और अनुशासित छात्र थे। वे हर प्रतियोगिता में स्कूल का नाम रोशन करते थे। उनकी मौत ने हम सभी को झकझोर दिया है।” राज्य तैराकी संघ के पदाधिकारियों ने भी आरव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में उन्होंने कम उम्र में ही उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की थीं।

मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बहस की जरूरत

आरव की आत्महत्या ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर फिर से सवाल खड़े किए हैं। आज के युवाओं पर पढ़ाई, प्रतियोगिता और भविष्य की चिंता का भारी दबाव होता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुली बातचीत और सहायता प्रणाली का अभाव बड़ी समस्या बनती जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सिज़ोफ्रेनिया जैसी बीमारी के लक्षणों की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से मरीज को बेहतर जीवन दिया जा सकता है।सभी को आनी चाहिए यह सीख 

इस घटना से एक महत्वपूर्ण संदेश निकलता है कि परिवार और समाज को मानसिक समस्याओं को लेकर संवेदनशील होना चाहिए। अक्सर, अवसाद या भ्रम जैसी स्थितियों को ‘कमजोरी’ मानकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। जबकि, यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति होती है, जिसका उपचार संभव है। जरूरत है कि अभिभावक, शिक्षक और मित्र बच्चे के व्यवहार में आने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान दें और खुलकर संवाद करें।

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