Jaipur Bus Fire Accident: पीलीभीत से मजदूरों से भरी बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में, पिता-पुत्री समेत 2 की मौत, कई झुलसे।
Jaipur Bus Fire Accident: पीलीभीत से मजदूरों से भरी बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में, पिता-पुत्री समेत दो की दर्दनाक मौत, कई झुलसे!
पीलीभीत से जयपुर जा रही मजदूरों से भरी बस अचानक 11,000 वोल्ट हाईटेंशन लाइन से टकराई, आग लगने से अफरा-तफरी मची, मौके पर पिता-पुत्री की मौत, दर्जन भर मजदूर झुलसे, ग्रामीणों और प्रशासन में हड़कंप।
पीलीभीत के शेरपुर कला गांव के मजदूरों की सुबह जयपुर के मनोहरपुर में एक भयानक हादसे के समाचार से टूट गई। सोमवार रात पीलीभीत से जयपुर की ओर रवाना हुई मजदूरों से भरी बस अचानक 11,000 वोल्ट हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। बस में आग लग गई और यात्रियों में हाहाकार मच गया। अफरा-तफरी में पिता-पुत्री नसीम (50) और उनकी पुत्री सेनम (20) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन मजदूर झुलस गए। इस हादसे ने पीलीभीत गांव में गहरा शोक और मर्मांतक खौफ पैदा कर दिया।
कैसे हुआ हादसा — बस का मार्ग और हाईटेंशन लाइन की त्रासदी
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे की बस उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से आई थी और जयपुर के ईंट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों को ले जा रही थी। बस में करीब 65 मजदूर सवार थे। जैसे ही बस मनोहरपुर थाना क्षेत्र के टोडी गांव के पास पहुंची, 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन टूटकर बस पर गिर गई।
कुछ मजदूरों ने ड्राइवर को नीचे उतरकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी, लेकिन सांत्वना और चेतावनी के बीच ट्रैजेडी ने पलभर में मौत और आग फैला दी।
आग और अफरा-तफरी — ग्रामीणों ने बचाई जानें
जैसे ही तार बस पर गिरा और करंट फैल गया, बस में आग लग गई। मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। ग्रामीणों ने तुंरत मदद की और कई झुलसे मजदूरों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसे पांच मजदूरों को जयपुर SMS अस्पताल रेफर किया गया। इनमें तीन महिलाएं — नजमा, सितारा और नहीम और दो पुरुष — अजर और अल्ताफ शामिल हैं। वहीं, शाहपुरा सीएचसी में चंदा नामक महिला का इलाज जारी है।
पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत — पीलीभीत में शोक की लहर
हादसे में पिता नसीम मियां और उनकी बेटी सेनम की मौत ने पीलीभीत के शेरपुर कला गांव में कोहराम मचा दिया। जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिवार और मोहल्ले में सन्नाटा और आंसुओं का तूफान छा गया। नसीम मियां अपनी पत्नी नजमी, पुत्र फैजान, बेटियों सेनम और सहरुन के साथ बस में सवार थे।
पोस्टमार्टम के बाद पिता-पुत्री के शव परिजनों को सौंपे गए और बुधवार दोपहर को दोनों को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस मर्मांतक हादसे ने पीलीभीत की सड़कों और ग्रामीण जीवन में गहरा असर छोड़ा।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मनोहरपुर थाना अधिकारी हेमराज ने बताया —
“बस में आग लगने के बाद मौके पर दमकल टीम और पुलिस पहुंची। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। हादसे की जांच जारी है। बस मालिक और बिजली विभाग से रिपोर्ट मंगाई गई है।”
जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने बताया कि बस में मजदूरों के साथ घरेलू सामान जैसे बाइक और सिलेंडर भी रखा हुआ था। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों को हरसंभव मदद दी जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और संवेदना
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, और स्कूली शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिया। मंत्री दिलावर ने कहा कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की वजह — ग्रामीण इलाकों में बिजली लाइन सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में हाईटेंशन लाइन सुरक्षा की गंभीर कमी उजागर की है। टूटे तार, लचर मेंटेनेंस और भीड़ भरी बस के चलते यह ट्रैजेडी सामने आई। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द ही रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
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