कानपुर में चली तबादला एक्सप्रेस, जानिए किस थानेदार का किया गया स्थानांतरण और किसकी बदली चौकी
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कानपुर। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए कमिश्नर ऑफ पुलिस अखिल कुमार ने एक बार फिर “तबादला एक्सप्रेस” का सहारा लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारियों और उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त का यह निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानांतरित हुए थाना प्रभारी
नई सूची के अनुसार, कई थाना प्रभारियों का स्थानांतरण किया गया है। नीरज ओझा को थाना बर्रा से प्रभारी कमांडो यूनिट रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं मानवेन्द्र सिंहको थाना पनकी से स्थानांतरित कर कमांडो यूनिट रिजर्व पुलिस लाइन की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, रविंद्र श्रीवास्तव को थाना कर्नलगंज से हटाकर अब थाना बर्रा का प्रभारी बनाया गया है। विनीत कुमार, जो जन शिकायत प्रकोष्ठ में कार्यरत थे, उन्हें थाना कर्नलगंज का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में मनोज सिंह भदौरिया को थाना काकादेव से हटाकर थाना पनकी का प्रभार सौंपा गया है। जबकि राजेश कुमार शर्मा को पीआरओ पुलिस आयुक्त से स्थानांतरित कर थाना काकादेव का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
उप निरीक्षकों के स्थानांतरण में बदलाव
केवल थाना प्रभारियों ही नहीं, बल्कि उप निरीक्षकों के तबादलों में भी संशोधन किया गया है। गौरव कुमार का स्थानांतरण पहले थाना फजलगंज किया गया था, जिसे निरस्त कर अब जवाहर नगर चौकी (थाना सीसामऊ) किया गया है। इसी तरह, कुलदीप मिश्रा का स्थानांतरण चौकी जवाहर नगर (थाना सीसामऊ) से बदलकर अब चौकी दर्शन पुरवा (थाना फजलगंज) किया गया है।
इसी क्रम में, पवन कुमार मिश्रा को थाना कोहना से हटाकर थाना नजीराबाद भेजा गया है। वहीं रोहित कुमार शर्मा का स्थानांतरण स्वरूप नगर से बदलकर अब थाना काकादेव किया गया है।
चौकी प्रभारियों में भी बदलाव
तबादला सूची में चौकी प्रभारियों का भी समावेश किया गया है। दिनेश कुमार मौर्य को चौकी प्रभारी दर्शन पुरवा (थाना फजलगंज) से हटाकर चौकी प्रभारी बस अड्डा (थाना कर्नलगंज) बनाया गया है। वहीं शुभम सिंह को चौकी प्रभारी बस अड्डा (थाना कर्नलगंज) से स्थानांतरित कर स्वरूप नगर चौकी का प्रभार सौंपा गया है।
स्थानांतरण का रहता है महत्व
पुलिस कमिश्नर की इस कार्यवाही का उद्देश्य पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना है। स्थानांतरण से न केवल प्रशासनिक सुगमता बढ़ेगी, बल्कि थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। अब देखना यह होगा कि नए प्रभारियों के नेतृत्व में क्षेत्रीय पुलिस किस तरह अपनी जिम्मेदारी निभाती है।