देखिए कानपुर की इन नौ देवियों को मिला शस्त्र लाइसेंस, पढ़िए सभी के नाम और डीएम का सन्देश
कानपुर नगर: शरद नवरात्रि के पावन अवसर पर मिशन शक्ति 5.0 के तहत आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह ने 9 महिलाओं को उनके अपनों की स्मृति में “विरासत का शस्त्र” लाइसेंस प्रदान किया। कार्यक्रम का माहौल अत्यंत भावुक और गरिमामयी रहा।
कार्यक्रम की भव्यता और भावनात्मक क्षण
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग भाव-विभोर नजर आए। किसी की आंखों में आंसू छलक आए, तो कोई खुशी से झूम उठा। यह मौका विशेष इसलिए भी था क्योंकि यह शस्त्र लाइसेंस वर्षों से लंबित पड़ी विरासत को महिलाओं तक पहुँचाने का माध्यम बना। अपने पिता, पति या ससुर की स्मृतियों से जुड़ी यह विरासत अब इन महिलाओं के पास सुरक्षित रूप से पहुँच गई।
जानिए जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा – “यह शस्त्र लाइसेंस केवल सुरक्षा और आत्मरक्षा का प्रतीक है। इसका प्रयोग हमेशा सावधानीपूर्वक किया जाए। किसी भी परिस्थिति में इसका दुरुपयोग न हो, यह प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की भावना को और मजबूत करना है।”
ये हैं शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने वाली महिलाएं
इस कार्यक्रम में जिन 9 महिलाओं को विरासत शस्त्र लाइसेंस प्रदान किया गया, वे निम्नलिखित हैं:
1. श्रीमती जया पाण्डेय, पत्नी स्व० कृष्ण मोहन पाण्डेय
2. श्रीमती सुमन सिंह, पत्नी स्व० गजेन्द्र सिंह
3. श्रीमती उषा सिंह, पत्नी स्व० चन्दपाल सिंह
4. श्रीमती पुष्पा यादव, पत्नी श्री सत्य प्रकाश यादव
5. श्रीमती अरुणिका शर्मा, पुत्री श्री अनिल कुमार शर्मा
6. श्रीमती प्रीति सिंह, पत्नी स्व० आनन्द सिंह
7. श्रीमती हेमलता, पत्नी श्री अनिल कुमार सिंह
8. श्रीमती अलका पाण्डेय, पत्नी श्री ब्रजेश पाण्डेय
9. श्रीमती संगीता सिंह, पत्नी स्व० अजय प्रताप सिंह
यह रही महिलाओं की प्रतिक्रिया
शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के बाद महिलाओं ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा – “हमें उम्मीद नहीं थी कि इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ हमें शस्त्र लाइसेंस मिलेगा। प्रशासन की यह पहल हमें न केवल सशक्त बनाती है बल्कि हमारे आत्मविश्वास को भी और अधिक मजबूत करती है।”
पढ़िए मिशन शक्ति 5.0 का महत्व
मिशन शक्ति 5.0 राज्य सरकार की महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की पहल है। इस अभियान के तहत महिलाओं को कानूनी और सुरक्षित तरीके से शस्त्र लाइसेंस प्रदान कर उनके आत्मरक्षा कौशल को बढ़ाया जाता है। यह पहल महिलाओं के जीवन में सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।