Kanpur News – जिला कारागार कानपुर के कैदी बना रहे दीपावली के दीपक – आपके घरों को करेंगे रौशन
कानपुर समाचार – जेल के कैदियों की अनूठी पहल – बंदियों द्वारा बनाए गए दीपक बने हुए हैं चर्चा का केंद्र – आप भी देखिए झलक
रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर
Kanpur News – जेल में बंद कैदी वैसे तो अपने कर्मों की सजा भुगत रहे हैं। जिनके लिए सबसे बड़ी सजा मानी जाती है अपने परिवार और अपनों से दूर रहना। ऐसे में अगर मौका दीपावली जैसे त्यौहार का हो तो घर की याद आना स्वाभाविक ही माना जाता है। अब जेल से बंदी घर तो नहीं जा सकते लेकिन इस दिवाली उनके हाथों से बनाए हुए मिट्टी के दीपक जरूर उनके खुद के घर रोशन करेंगे।
दिन में चला रहे चाक
तस्वीर में दिख रहा है कि लगातार चाक चला रहे बंदी को कुम्हार का हुनर तो आता है, लेकिन इस बार मिट्टी के दीपक बनाने के पीछे मकसद अलग है। मकसद है अपने घर को रोशन करना। इस दिवाली घर से दूर जेल में रहने वाले कैदियों को घर की और घर में उनके परिजनों को उनकी याद तो आती ही है। आपस में एक भावनात्मक डोर बंधी रहे इसके लिए कानपुर जेल के बंदी अपने हाथों से दीपक बनाने में लगे हुए हैं।
मिलाई के दौरान परिजनों को देंगे अपने हाथ के दीपक
इन दीपकों को बनाने में खास बात यह है कि बंदी इनको चाक की सहायता से खुद बना रहे है। दीपक को बनाने के बाद बंदी इसको अपने परिजनों को उस समय देंगे जब वो जेल में मिलाई करने आएंगे। इस तरह से बंदियों के घर दिवाली पर उन्हीं के हाथों बने दीपक उनके घर को रोशन करेंगे। जिसके लिए जिस बंदी को कुम्हार का काम आता था उसने ही अन्य बंदियों को दीपक बनाने के हुनर को सिखाया और अब इस वक्त हजारों दीपक बनाए जा रहे हैं।
क्या बोल रहे जेल अधीक्षक
इस संबंध में जेल अधीक्षक बी.पी. पांडेय कहते हैं कि अपराध करने वालों के लिए जेल की सजा तो है ही लेकिन जेल का मकसद सिर्फ सजा नहीं बल्कि सजा के साथ उनके अंदर एक सुधर और जागरूकता लाना भी एक मकसद होता है। जो अपराध को ख़त्म करने जैसा माना जाता है।