कानपुर में हेवेन बिल्ड जोन कंपनी पर लगा करोड़ों की ठगी का आरोप, पीड़ित पहुंचे पुलिस कमिश्नर कार्यालय
कानपुर से एक बड़ा आर्थिक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की बात कही जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों के करीब 30 लोगों ने हेवेन बिल्ड जोन कंपनी पर यह आरोप लगाया है कि कंपनी ने आसान किस्तों में प्लॉट देने का झांसा देकर उनसे भारी रकम वसूल की, लेकिन आज तक न तो उन्हें प्लॉट मिला और न ही पैसा वापस किया गया।
पीड़ितों ने सामूहिक रूप से पुलिस कमिश्नर कार्यालय, कानपुर पहुंचकर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला केवल ठगी का नहीं बल्कि संगठित तरीके से गरीब लोगों का आर्थिक शोषण करने का है।
पढ़िए कैसे हुई ठगी की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, हेवेन बिल्ड जोन कंपनी कानपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय थी। कंपनी ने अपने एजेंटों और प्रचार माध्यमों के जरिए गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को यह भरोसा दिलाया कि वे बहुत ही आसान किस्तों में प्लॉट खरीद सकते हैं। कई परिवारों ने अपने जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर कंपनी के साथ अनुबंध किया।
हालांकि, कुछ महीनों के बाद जब लोगों ने अपने प्लॉट की स्थिति जाननी चाही, तो कंपनी के दफ्तर बंद मिले और जिम्मेदार व्यक्ति मोबाइल फोन तक नहीं उठा रहे थे। इस पूरे मामले में पीड़ितों के अनुसार लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम का घोटाला हुआ है।
पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे पीड़ितों में से मोहम्मद अफसर, हलीमा खातून और वीरेंद्र कुमार (मंत्री, बार एसोसिएशन) ने अपनी बात रखी।
मोहम्मद अफसर ने बताया कि, “हमने पूरी उम्मीद से अपनी मेहनत की कमाई इस कंपनी में लगाई थी, लेकिन अब हमें सिर्फ धोखा मिला है। यह लोग गरीबों को निशाना बनाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।”
वहीं **हलीमा खातून** ने कहा, “कंपनी ने महिलाओं और बुजुर्गों को यह भरोसा दिलाया था कि उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा, लेकिन अब सभी परेशान हैं। न पैसा वापस मिल रहा है और न ही कोई सुनवाई।”
**वीरेंद्र कुमार**, जो बार एसोसिएशन में मंत्री हैं, उन्होंने कहा कि, “यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध का है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आगे कोई और ठगी का शिकार न बने।”
जानिए आरोपी कौन हैं?
पीड़ितों के अनुसार, कंपनी से जुड़े मुख्य नाम फाजिल, साजिद, डॉ. सलीम और राजू सिंह हैं। ये सभी लोग मिलकर एक संगठित नेटवर्क चलाते हैं जो गरीब तबके को निशाना बनाता है। कंपनी के निदेशक खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताते थे, जबकि उनके खिलाफ पहले से भी आर्थिक गड़बड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
लोगों का कहना है कि ये आरोपी न केवल कानपुर बल्कि आस-पास के जिलों में भी अपनी योजनाएं चलाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं और फिर दफ्तर बंद कर गायब हो जाते हैं।
पुलिस से की कड़ी कार्रवाई की मांग
सभी पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दिए गए **प्रार्थना पत्र** में मांग की है कि हेवेन बिल्ड जोन कंपनी और उससे जुड़े सभी लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो सभी पीड़ित सामूहिक रूप से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस कंपनी के दस्तावेज़ों और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
सरकार का रुख है सख्त
उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही आर्थिक अपराधों और भूमि घोटालों के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा जनता के साथ धोखाधड़ी करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ न केवल आर्थिक अपराध शाखा (EOW) बल्कि ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत भी कार्रवाई संभव है।