कानपुर में जर्नलिस्ट क्लब में मनाया गया अमर साहित्यकार पं. प्रताप नारायण मिश्र का 170वां जन्म दिवस
कानपुर। पं. प्रताप नारायण मिश्र स्मारक ट्रस्ट समिति के तत्वाधान में और अखिल भारतीय कान्यकुब्ज ब्राह्मण महासभा द्वारा जर्नलिस्ट क्लब अशोक नगर में अमर साहित्यकार, पत्रकार और कवि पं. प्रताप नारायण मिश्र के 170वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य परिचर्चा और काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महासभा के अध्यक्ष पं. शिव सहाय मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
परिचर्चा: मिश्र जी के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश
परिचर्चा में मुख्य वक्ता कानपुर इतिहास समिति के सचिव अनूप कुमार शुक्ल ने बताया कि मिश्र जी ने अपने समय में ‘ब्राह्मण पत्र’ के माध्यम से लोकहित और समाज सेवा का नया आदर्श स्थापित किया। उन्होंने कहा कि प्रताप नारायण मिश्र ने दृढ़ता, निष्पक्षता और समाज सुधार के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया, और यह पत्र साहित्यिक, सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण था।
परिचर्चा में अन्य वक्ताओं ने भी मिश्र जी के योगदान पर प्रकाश डाला। महेश शर्मा, के.के. अवस्थी, रवि सहाय मिश्र (उन्नाव) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मिश्र जी का कार्य पत्रकारिता में ईमानदारी और निष्पक्षता का प्रतीक था।
स्मारिका और पुस्तक विमोचन
इस अवसर पर समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका प्रताप प्रसून* का विमोचन किया गया। इसके अलावा अभिजीत मिश्र के परिवार के सदस्य अमित मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘कलम के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी’ का भी विमोचन किया गया। यह पुस्तक पं. प्रताप नारायण मिश्र और उनके समकालीन साहित्यकारों के योगदान को उजागर करती है।
काव्यगोष्ठी में भावपूर्ण कविताएँ
विमोचन के बाद सरस कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें कविगणों ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से मिश्र जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कवियों में विनोद त्रिपाठी, श्रवण शुक्ला, दिलीप दुबे, शशि शुक्ला, अशोक शास्त्री प्रमुख थे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कवियों की प्रस्तुति की सराहना की। स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन जर्नलिस्ट क्लब के सचिव रजत मिश्र और सुनील चन्द्र तिवारी ने किया।
यह रहे प्रमुख उपस्थितजन
कार्यक्रम में जर्नलिस्ट क्लब के महामंत्री अभय त्रिपाठी, वीरेंद्र चतुर्वेदी, शंभूदयाल बाजपेयी, अभय शंकर दुबे, शारदा प्रसाद शुक्ल, अशोक मिश्र, के.के. पाण्डेय, भीमशंकर मिश्र, अनुराग दीक्षित, जयवर्धन मिश्र, निर्विकार मिश्र, अरविन्द मिश्र, रजत मिश्र, ऋषिकांत दुबे, विशाल सैनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मिश्र जी का योगदान: साहित्य, समाज और राष्ट्र
पं. प्रताप नारायण मिश्र का जीवन साहित्यिक, सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों से भरा रहा। उन्होंने पत्रकारिता और साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता लाने का कार्य किया। उनका पत्र ब्राह्मण पत्र केवल समाचार का साधन नहीं था, बल्कि नैतिक मूल्यों, समाज सुधार और देशभक्ति का आदर्श प्रस्तुत करता था।
अनूप कुमार शुक्ल ने कहा कि मिश्र जी की पत्रकारिता ने नए पत्रकारों और साहित्यकारों को ईमानदारी, निष्पक्षता और समाज सेवा का संदेश दिया। यही कारण है कि उनका जन्म दिवस आज भी साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है।