कानपुर में बकरी चराने को लेकर मिली मौत की सजा, जानिए हुआ इतनी खौफनाक लड़ाई

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कानपुर से एक दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ बकरी चराने के विवाद ने एक महिला की जान ले ली। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो यह हादसा टल सकता था। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

जानिए क्या है पूरा मामला

यह घटना **कानपुर के नरवल थाना क्षेत्र** की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इलाके की रहने वाली रानी देवी नामक महिला की 3 अक्टूबर की सुबह गंभीर पिटाई के बाद मौत हो गई। रानी देवी के परिवार में दो बेटियां और पांच बेटे हैं।

उनकी बेटी मौसमी ने बताया कि 2 अक्टूबर की रात बकरी चराने को लेकर पड़ोसी सत्यम और उसके परिवार से कहासुनी हो गई थी। यह विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें रानी देवी घायल हो गईं।

परिजनों ने लगाया आरोप – “पुलिस ने नहीं की समय पर कार्रवाई”

मौसमी का कहना है कि घटना के बाद वह अपनी घायल मां को लेकर नरवल थाने पहुंची थी। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय सिर्फ इलाज कराने की सलाह दी और उन्हें वापस भेज दिया।

मौसमी ने आरोप लगाया कि अगर उस रात पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर लेती और कार्रवाई करती, तो अगले दिन यह दूसरी घटना न होती। उन्होंने कहा — “हम रात में मां का इलाज करवाकर घर लौटे, लेकिन अगले दिन फिर वही लोग घर पर आए और मां को बेरहमी से पीटा। इस बार चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”

पुलिस ने दी सफाई, कहा—“एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी”

इस पूरे मामले पर एसीपी अभिषेक पांडे ने बयान जारी करते हुए कहा कि पहले मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, और बाद में जब महिला की मृत्यु हो गई, तो केस को हत्या में परिवर्तित किया गया।

एसीपी ने बताया कि – “घटना में शामिल एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा लापरवाही के आरोपों की भी जांच होगी और यदि किसी की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में है नाराजगी और आक्रोश

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। रानी देवी के परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर **न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन** किया। उनका कहना था कि प्रशासन और पुलिस दोनों ही मामले में देर कर रहे हैं।

हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार की हालत हुई बेहाल और जानिए क्या बोल रहे पड़ोसी 

मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। मौसमी और उसके भाइयों का कहना है कि उनकी मां हमेशा शांत स्वभाव की थीं और कभी किसी से विवाद नहीं करती थीं। पड़ोसियों ने भी बताया कि बकरी चराने का विवाद बहुत छोटा था, लेकिन कुछ लोगों की हठधर्मिता ने इस झगड़े को खतरनाक रूप दे दिया।

कानूनी प्रक्रिया और आगे शुरू की गई कार्रवाई

पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत बनाया जा रहा है।

सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता की आवश्यकता

यह घटना समाज में एक गंभीर संदेश छोड़ती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते झगड़े कभी-कभी दुःखद परिणाम ला सकते हैं। ऐसे में विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना ही सबसे अच्छा उपाय है।

इसके साथ ही, पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी भी बनती है कि वे आम नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनें और समय पर कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।

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