कानपुर में फर्जी जज बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले पति और पत्नी गिरफ्तार, जानिए किसको बनाया था अपना शिकार
कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट की सेंट्रल जोन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी जज बनकर लाखों और करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी आयुष्मान शंकर उर्फ विष्णु कुमार गुप्ता और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 42 लाख से अधिक नगदी भी बरामद की है।
पढ़िए कैसे हुआ खुलासा
डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व और सर्विलांस व स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। जांच में पता चला कि आरोपी लंबे समय से खुद को जज बताकर लोगों को धोखा दे रहा था। लोन दिलाने और बड़े पैमाने पर निवेश कराने का झांसा देकर उसने लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए।
नर्सिंग ऑफिसर से की थी ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी ने लखनऊ केजीएमयू में तैनात महिला नर्सिंग ऑफिसर को भी अपने झांसे में ले लिया था। उसे कानपुर बुलाकर लोन दिलाने का लालच दिया और रेव थ्री मॉल में मुलाकात के बाद करीब 59.50 लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गया था। यह घटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।
आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी का असली नाम विष्णु कुमार गुप्ता है और यह पहले भी लखनऊ में फर्जी जज बनकर ठगी करने के आरोप में जेल जा चुका है। नाम और पहचान बदलकर वह लगातार लोगों को शिकार बना रहा था। उसकी पत्नी भी इस पूरे गिरोह में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
पुलिस की रही सराहनीय भूमिका
सेंट्रल जोन की सर्विलांस और स्वाट टीम ने तकनीकी इनपुट और सतत निगरानी के आधार पर आरोपी और उसकी पत्नी को धर दबोचा। गिरफ्तारी में उप निरीक्षक पवन कुमार, लवकुश मिश्रा, धर्मेंद्र तिवारी, नवीन कुमार और राहुल अग्रहरि की अहम भूमिका रही।