कानपुर से रवाना हुई दिव्यांग कार यात्रा, पर्पल फेस्ट गोवा 2025 में दिखाएंगे अपना जज़्बा

0
6c452e56-53aa-44c5-848e-85defb173dca

कानपुर से आज एक प्रेरणादायक और अनोखी पहल शुरू हुई है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने सिविल लाइन स्थित कैंप कार्यालय से अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेस्ट गोवा 2025 के लिए दिव्यांग कार अभियान यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सुनील मंगल को शॉल पहनाकर सम्मानित किया और उनके अद्भुत जज़्बे की प्रशंसा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि “काम न करने वालों के लिए सैकड़ों बहाने होते हैं, लेकिन सुनील मंगल जी ने अपनी इच्छाशक्ति और आत्मबल से यह साबित कर दिया है कि कोई भी सीमा बाधा नहीं बन सकती। यह अभियान अन्य दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बनेगा।”

पर्पल फेस्ट का उद्देश्य और महत्व

अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेस्ट गोवा, जो 9 से 12 अक्टूबर तक आयोजित होगा, दिव्यांगजनों के लिए इन्क्लूजन (समावेश), एक्सेसिबिलिटी (सुगमता) और डिग्निटी (गरिमा) को बढ़ावा देने का प्रतीक है। यह फेस्ट दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में समान रूप से शामिल हों और हर जगह उन्हें पहुंच की सुविधा तथा सम्मान प्राप्त हो, इसका उत्सव है।

इस वर्ष पर्पल फेस्ट में लगभग 45 देशों से दिव्यांगजन भाग लेंगे। आयोजन में 252 प्रकार के कार्यक्रम होंगे, जिनमें पर्पल फन, पर्पल स्पोर्ट्स, पर्पल कैलिडोस्कोप, पर्पल एक्सपीरियेंस ज़ोन, पर्पल थिंक टैंक, पर्पल कॉन्फ्रेंस और पर्पल एक्ज़ीविशन ज़ोन प्रमुख आकर्षण होंगे।

कानपुर से गोवा तक की दिव्यांग कार यात्रा

कानपुर से शुरू हुई यह दिव्यांग कार अभियान यात्रा का नेतृत्व सुनील मंगल कर रहे हैं। उनके साथ अन्य दिव्यांगजन राहुल सिंह (चंडीगढ़), वीर सिंह (चंडीगढ़), बलविंदर सिंह (ग्वालियर) और नरेन्द्र सिंह अपनी हाथों से चलने वाली (adapted) कारों से यात्रा करेंगे।

यह यात्रा कानपुर से रवाना होकर झांसी, शिवपुरी, कोटा, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, नागपुर, मालेगांव, अहमदनगर, पुणे, सतारा, कोल्हापुर होते हुए 8 अक्टूबर को गोवा पहुंचेगी। इस दौरान 5 अक्टूबर को कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और 7 अक्टूबर को नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अभियान दल को आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

सुनील मंगल की प्रेरक यात्रा

सुनील मंगल कानपुर निवासी एक उत्साही दिव्यांग उद्यमी हैं। वे पिछले 33 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमा व्यवसाय में सक्रिय हैं और अब तक 4000 से अधिक दिव्यांगजनों को व्यावसायिक कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे चुके हैं।

साल 1999 में उन्होंने उत्तर प्रदेश का पहला दिव्यांग कार लाइसेंस प्राप्त किया। अब तक उन्होंने 3,50,000 किलोमीटर से अधिक की ड्राइविंग कर चुके हैं और 2022 में लेह-लद्दाख की लंबी यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की। जिलाधिकारी ने कहा कि सुनील मंगल कानपुर नगर के गौरव हैं और उनकी यह पहल अन्य दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देगी।

दिव्यांग कार अभियान का संदेश

यह अभियान केवल एक यात्रा नहीं बल्कि दिव्यांगजन स्वावलंबन और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि दिव्यांगजन भी किसी से कम नहीं हैं और इच्छाशक्ति और साहस से वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। इस यात्रा से समाज में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि इन्क्लूजन, एक्सेसिबिलिटी और डिग्निटी केवल शब्द नहीं, बल्कि सभी के अधिकार हैं।

जानिए यात्रा के उद्देश्य और समाज पर क्या पड़ेगा प्रभाव

1. दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और स्वावलंबन को बढ़ावा देना।
2. अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करना।
3. समाज को यह संदेश देना कि दिव्यांगजन समान अवसर और सम्मान के हकदार हैं।
4. अन्य दिव्यांगजनों को प्रेरित करना कि वे भी अपने जीवन में सक्रिय और सफल भूमिका निभा सकते हैं।

समापन में दी गई प्रेरणा

इस अभियान का नेतृत्व कर रहे सुनील मंगल और उनके साथ यात्रा कर रहे दिव्यांगजनों की यह पहल न केवल कानपुर बल्कि पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बनेगी। पर्पल फेस्ट गोवा 2025 में यह टीम दिव्यांगजन स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और समाज में समान अवसर का संदेश फैलाएगी।

जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों की शुभकामनाओं के साथ इस यात्रा ने सभी को यह सिखाया कि किसी भी चुनौती को पार करना केवल इच्छाशक्ति और साहस से ही संभव है।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading