कानपुर देहात में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी का पुलिस से हुआ आमना-सामना, फिर आगे जानिए क्या हुआ
कानपुर देहात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस की तत्परता और गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस की टीम ने की घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा पांडेय के दिशा-निर्देशन और क्षेत्राधिकारी के आदेशों का पालन करते हुए, मंगलपुर थाना प्रभारी महेश कुमार और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने झीझंक रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की। इसी दौरान आरोपी मोहम्मद वारिस, निवासी किशौरा, वहां पहुंचा। खुद को घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ आरोपी
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। तत्पश्चात पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी काफी समय से पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सतर्कता और योजना के चलते उसे पकड़ा जा सका।
पुलिस की सख्ती से बढ़ा विश्वास
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा पांडेय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है। यही कारण है कि आरोपी को जल्द पकड़कर कानून के हवाले किया गया।
स्थानीय लोगों ने जताई राहत
इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा और शांति का संदेश गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता से समाज में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और न्याय की उम्मीद भी मजबूत होगी।