गजब का दुस्साहस फिर भी क्यों शांत है थाना पुलिस, तुरंत पढ़िए इस युवक ने जो बताया
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में जहां कमिश्नर ऑफ़ पुलिस अखिल कुमार द्वारा अपराध और भ्र्ष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है, वहीं कुछ लोग खाकी को बदनाम करने से बाज नहीं आ रहे हैं कुछ इसी का उदहारण है बिधनू थाना क्षेत्र, जहां कुछ लोगों ने पहले तो युवक को छुड़वाया और फिर थाने के एक दरोगा के नाम पर वसूली की रकम मांगने का दुस्साहस किया और जब पीड़ित ने ऐसा इंकार कर दिया तो उसपर जानलेवा हमला कर दिया गया।
विस्तार से पढ़िए पूरा प्रकरण
दरअसल हम जिस विवाद और आरोपों की बात कर रहे हैं यह मामला बिधनू थाना क्षेत्र का है, जहां ग्राम लक्ष्मणपुर निवासी रानू ने बताया कि उसके मित्र ने अपने छोटे भाई को शराब पीते देखने पर जानकारी देने की बात कही थी।
जिसके उपरांत उसी दिन रानू को मित्र का छोटा भाई शराब पीते दिख गया था जिसकी जानकारी उसने अपने मित्र को दे दी। इस बात से नाराज मित्र के छोटे भाई के साथ टाटा नाम के युवक द्वारा रानू के साथ मारपीट को अंजाम दिया था।
मामला थाने पहुंचा तो शुरू हुई खाकी के नाम पर दलाली
टाटा नाम के युवक और रानू के बीच का विवाद थाने जा पहुंचा, जिसकी जानकारी मिलते ही थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शांति भंग न हो इसके लिए रानू को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद पूछताछ के उपरांत कार्रवाई करने वाले दरोगा महोदय ने रानू को उनके घर वालों की सुपुर्दगी में छोड़ दिया लेकिन दलाली की भावना करने वाले सुशिल कुमार वर्मा ने रानू से दरोगा को पांच हजार रूपए देने का झांसा देना शुरू कर दिया।
दलाली की रकम न देने पर किया जानलेवा हमला
पीड़ित रानू के अनुसार शुशील द्वारा दरोगा के नाम पर जो पांच हजार रूपए मांगे जा रहे थे उसे देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद भी दाल न गली तो सुशिल ने वसूली की रकम को कम करते हुए दो हजार की मांग की।
फिर भी रानू ने पिता की बीमारी का हवाला देते हुए दो हजार की मांग को भी दरकिनार कर दिया ,इस बात से बौखलाए सुशिल और उसके साथ चार अन्य साथियों ने 17 अगस्त की शाम दलेलपुर नहर के पास रानू को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर डाली।
थाना पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
पीड़ित रानू के अनुसार उसपर हुए हमले के बाद वह थाने पहुंचा जहाँ उसके प्रार्थना पत्र के बाद त्वरित मेडिकल कराया गया लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं की गई है जब कि रानू बताता है की उसने पुलिस को यह भी बताया कि सुशिल द्वारा खाकी के नाम पर अवैध वसूली किये जाने का दुस्साहस भी किया गया है उसके बावजूद बिधनू पुलिस अभी तक शांत है।