कानपुर में मुंहनोचवा के बाद बहरूपिये भूतों की दहशत: रात में गलियों से आती हैं अजीब आवाजें, जनता ने खुद संभाली कमान
उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर इन दिनों एक अनोखी दहशत के माहौल से गुजर रहा है। वजह हैं वे अज्ञात लोग जो कभी भूत का रूप धारण कर मोहल्लों में घूमते दिखाई देते हैं तो कभी बुर्का पहनकर हाथों में सरिया लेकर लोगों के घरों को निशाना बनाते हैं। पिछले चार दिनों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर पांच तक पहुंच चुकी है। अब हालात ऐसे हैं कि पुलिस के साथ-साथ आम लोग भी रात में जागकर सुरक्षा पहरा देने लगे हैं।
तात्या टोपे नगर से शुरू हुई दहशत
यह दहशत कानपुर के दक्षिण क्षेत्र के तात्या टोपे नगर से बीते शनिवार रात शुरू हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में तीन लोग नजर आ रहे हैं जिन्होंने भूत जैसा रूप धारण किया हुआ है। पैरों में घुंघरू बांधे और अजीब आवाजें निकालते हुए ये लोग गलियों से गुजरते दिखाई देते हैं। वीडियो वायरल होते ही इलाके में डर का माहौल बन गया और लोग तरह-तरह की चर्चाओं में लग गए।
चोरी की घटनाओं से बढ़ी चिंता
इस वीडियो के सामने आने के तुरंत बाद इलाके में चोरी की वारदात भी सामने आने लगीं। बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा पांच इलाके में एक व्यक्ति को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। वहीं नौबस्ता क्षेत्र में एक घर में चोरी की घटना हुई। लगातार हो रही इन घटनाओं से पुलिस भी सकते में है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर कौन लोग इतनी तेजी से सक्रिय हो चुके हैं।
जनता ने बनाई सुरक्षा टीमें
दहशत बढ़ने के बाद तात्या टोपे नगर, नौबस्ता, मछरिया और बर्रा समेत आसपास के मोहल्लों में लोगों ने खुद सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। जगह-जगह स्थानीय टीम बनाई गई हैं जो हाथों में डंडे लेकर रात में पहरा देती हैं। तात्या टोपे नगर निवासी जितेंद्र दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने पड़ोसियों को सतर्क किया है और मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने लोगों से कहा है कि देर रात घर में प्रवेश करते समय दरवाजे पर ताला अवश्य लगाएं और किसी भी आवाज सुनकर तुरंत गेट न खोलें।
पहले भी फैल चुकी है अनदेखी दहशत
यह पहली बार नहीं है जब कानपुर में ऐसी अफवाहों और दहशत का माहौल बना हो। लगभग 30-35 साल पहले “ग्रीस वाला” नामक शख्स ने इलाके में डर का वातावरण बना दिया था। कहा जाता था कि वह ग्रीस और तेल लगाकर चोरी करता था और पकड़ में नहीं आता था। बाद में जब वह पकड़ा गया तो यह साफ हुआ कि वह भी आम इंसान ही था।
इसी तरह “मुंहनोचवा” की दहशत ने तो पूरे देश में अपना नाम कमा लिया था। शाम ढलते ही लोग घरों में बंद हो जाते थे। कहा जाता था कि कोई आपके परिचित की आवाज बनाकर गेट खुलवाता और फिर चेहरे पर हमला कर देता। इस अफवाह ने इतने लंबे समय तक असर डाला कि लोग रात में समूह बनाकर पहरा देते थे।
पुलिस प्रशासन की अपील
वर्तमान हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत 112 नंबर पर सूचना दें। साथ ही प्रशासन ने सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय ताला और खिड़की अवश्य बंद करें और अनजान आवाजों या बुलावे पर प्रतिक्रिया न दें।
सामाजिक जिम्मेदारी और सतर्कता जरूरी
इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अफवाह किस तरह माहौल बिगाड़ सकती हैं। लोगों की सतर्कता और सामूहिक प्रयास ही ऐसी परिस्थितियों से निपटने का सबसे मजबूत उपाय है। मोहल्लों में लोगों का जागरूक होना और सुरक्षा टीमों का गठन समाज की एकजुटता का उदाहरण है। प्रशासन और पुलिस भी लगातार प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द इस दहशत को फैलाने वालों को पकड़कर स्थिति सामान्य की जाए।