कानपुर में अज्ञात शरारती तत्वों ने तोड़ी अंबेडकर प्रतिमा, पढ़िए कमिश्नर पुलिस ने कैसे बहाल की शांति व्यवस्था

0
0b31e7b4-ad8e-4498-8d1f-33956f37e903

उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुक्रवार सुबह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जहां कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने समाज सुधारक और भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया और शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई।

पढ़िए घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार प्रातः लगभग 7 बजे सेन पश्चिम पारा गांव के स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव में स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को किसी ने तोड़कर पास के तालाब में फेंक दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाकर उसे तालाब के किनारे डाल दिया गया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए प्रतिमा को सम्मानपूर्वक निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। इसके बाद मूर्ति को यथास्थान पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस उपायुक्त दक्षिण, अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर और थाना सेन पश्चिम पारा के प्रभारी निरीक्षक स्वयं पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया। इसके साथ ही गांव में गश्त बढ़ा दी गई ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या अप्रिय घटना को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने जताई शंका, एक युवक हिरासत में

घटना की सूचना फैलते ही गांव में हलचल मच गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्हें इस घटना पर निखिल कुमार साहू पुत्र ओमप्रकाश साहू (उम्र लगभग 19 वर्ष) पर संदेह है। ग्रामीणों के संदेह के आधार पर पुलिस ने निखिल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ जारी है और जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण और उद्देश्य क्या था।

शांति और सद्भाव बनाए रखने की है अपील

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून अपने हाथ में न लें। अधिकारियों ने कहा कि “यह घटना किसी भी रूप में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

अब जारी है कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, और फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। गांव के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना के पीछे शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए गांव में निगरानी और गश्त प्रणाली को और मजबूत किया गया है।

प्रशासन की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

यह पहली बार नहीं है जब समाज विरोधी तत्वों ने ऐसी हरकत कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की हो, लेकिन कानपुर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया से इस बार स्थिति नियंत्रण में रही। अधिकारियों ने समझदारी से काम लेते हुए स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाल लिया और क्षेत्र में तनाव का माहौल नहीं बनने दिया।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सक्रिय और संवेदनशील प्रशासन ही सामाजिक सौहार्द का सबसे मजबूत आधार होता है।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading