कानपुर में 23 सितम्बर को मनाया जाएगा 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, प्रदर्शनी और स्वास्थ्य शिविर होंगे आयोजित
कानपुर नगर में 23 सितंबर को 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 2025 बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। इस वर्ष की थीम रखी गई है: “आयुर्वेद जन-जन के लिए, पृथ्वी के कल्याण के लिए”।
जानिए मुख्य कार्यक्रम और प्रदर्शनी की जानकारी
इस वर्ष का मुख्य कार्यक्रम सरसैया घाट पर आयोजित होगा, जहाँ आयुर्वेदिक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों, पंचकर्म और योग से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां आने वाले लोग विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे और आयुर्वेदिक जीवनशैली के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
साथ ही, शहर के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में स्वास्थ्य शिविर, योग सत्र, औषधीय पौधों का वितरण और जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल लोगों को आयुर्वेद की महत्वता से अवगत कराना है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
पढ़िए डीएम का संदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि आयुर्वेद हमारी **अमूल्य धरोहर** है और यह स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का आधार है। उन्होंने बताया कि हल्दी, दालचीनी, तेजपत्ता जैसे मसाले और तुलसी, एलोवेरा जैसे औषधीय पौधे हमारी दिनचर्या का हिस्सा हैं, जिनमें प्राकृतिक औषधीय गुण निहित हैं। इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि लोगों को अपनी परंपरा और आसपास की प्राकृतिक संपदा को पहचानना चाहिए।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि आयुर्वेद केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों, पौधों और पर्यावरण का भी संरक्षक है। इसलिए इसकी जानकारी और जागरूकता समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना आवश्यक है।
कार्यशालाएँ और जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मोटापे के लिए आयुर्वेदिक आहार, डिजिटल युग में आयुर्वेद, भ्रामक विज्ञापनों से बचाव, एकीकृत कैंसर देखभाल और छात्रों के लिए जागरूकता जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँ।
विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही आयुर्वेदिक स्वास्थ्य और जीवनशैली पर उनके बीच जागरूकता बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
अधिकारी और समीक्षा बैठक
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह, बीएसए सुरजीत सिंह, डीपीआरओ मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि सभी गतिविधियाँ समय पर और सुचारू रूप से आयोजित हों।
हमारी धरोहर को सम्मानित करता है यह दिवस
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस न केवल हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को सम्मानित करता है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है। 23 सितंबर को सरसैया घाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम और प्रदर्शनी के माध्यम से आयुर्वेद की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जाएगी।
इस अवसर पर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर, योग सत्र और औषधीय पौधों का वितरण लोगों को आयुर्वेद अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। जिलाधिकारी के निर्देशों और अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से यह कार्यक्रम कानपुर नगर में सफलतापूर्वक आयोजित किया जाएगा।
आयुर्वेद हमारी साझी धरोहर है और इसे जन-जन तक पहुँचाना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस वर्ष का राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस स्वास्थ्य, जागरूकता और प्राकृतिक जीवनशैली का प्रतीक बनेगा।