महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! जयपुर की बेटियों की तालीम पर लैंड जिहाद का साया?

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महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! जयपुर के महारानी कॉलेज में तीन मज़ार मिलने से हड़कंप! छात्रों का विरोध, लैंड जिहाद का आरोप, प्रशासन जांच में जुटा। पढ़ें पूरी सनसनीखेज़ रिपोर्ट।

महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! जयपुर के महारानी कॉलेज में तीन मज़ार मिलने से हड़कंप! छात्रों का विरोध, लैंड जिहाद का आरोप, प्रशासन जांच में जुटा। पढ़ें पूरी सनसनीखेज़ रिपोर्ट।

महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! राजस्थान की बेटियों के किले में मज़ारों की सेंध! जयपुर के महारानी कॉलेज में “लैंड जिहाद” का आरोप, ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू

महिला शिक्षा के गढ़ में धार्मिक कब्ज़ा? कॉलेज प्रांगण में तीन मज़ारों के अवैध निर्माण से मचा बवाल, सुरक्षा और प्रशासन पर उठे बड़े सवाल

महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ!  राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित महिला शिक्षण संस्थान महारानी कॉलेज में एक ऐसा रहस्योद्घाटन हुआ जिसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया। जहां किताबें, तालीम और संस्कार होने चाहिए थे, वहां आज तीन “मज़ारों” का अवैध निर्माण देखकर छात्राएं स्तब्ध हैं, जनता में आक्रोश है और प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।

कॉलेज के भीतर कब और कैसे बनीं मज़ारें? जवाब किसी के पास नहीं

कॉलेज कैंपस में तीन अलग-अलग स्थानों पर बने मज़ार — पानी की टंकी, पंप हाउस और पार्किंग के पास — अचानक चर्चा का विषय बन गए। हैरानी की बात यह है कि जिस कॉलेज में 24 घंटे सुरक्षा गार्ड और CCTV कैमरे लगे हैं, वहां इन मज़ारों का निर्माण कैसे हुआ? न प्राचार्य को जानकारी, न प्रशासन को भनक, न ही छात्राओं को खबर — सवाल यह उठता है कि क्या यह “धीरे-धीरे ज़मीन कब्जाने की साज़िश” थी?

महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! “लैंड जिहाद” की गूंज से गूंजा कॉलेज परिसर

धरोहर बचाओ समिति के अध्यक्ष भरत शर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह मज़ारें “वक्फ एक्ट” के सहारे पूरे कॉलेज की ज़मीन को इस्लामिक ट्रस्ट के अंतर्गत लेने की साज़िश का हिस्सा हैं। उनका दावा है कि यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो यह महिला कॉलेज की पहचान, सुरक्षा और गरिमा पर खतरा बन सकता है।

 चेतावनी —

“हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हमारी बेटियों की शिक्षा पर आक्रमण है।”

महिला कॉलेज में मज़ारों की घुसपैठ! विरोध में गूंजा “जय श्रीराम” और “हनुमान चालीसा”

प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज परिसर के बाहर भारी विरोध करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम के नारे लगाए।
पुलिस को तुरंत कॉलेज के चारों ओर तैनात किया गया ताकि स्थिति अनियंत्रित न हो जाए।

प्रशासन बोला – जांच चल रही है

जयपुर जिला प्रशासन ने तत्काल 6-सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जिसमें SDM, पुलिस अधिकारी, पुरातत्व विभाग और प्राचार्य शामिल हैं। कमेटी को 4 दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।

प्राचार्य डॉ. पायल लोढ़ा का कहना है:

“मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, ये मज़ार मेरे कार्यकाल से पहले के हैं।”

छात्राएं सहमीं, सवालों में सुरक्षा

छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा —

“हम यहां पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन अब डर लगने लगा है। न जानें कब, कौन आकर पूजा या हलचल शुरू कर दे।”

वहीं कई अभिभावकों ने कॉलेज में धार्मिक गतिविधियों को रोकने और CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

क्या ये धार्मिक सौहार्द है या सुनियोजित साजिश?

यह मामला केवल तीन मज़ारों का नहीं, बल्कि देश की बेटियों की शिक्षा, उनके लिए सुरक्षित माहौल और सरकारी संपत्ति की रक्षा का है।
आज यह महारानी कॉलेज है, कल कोई और संस्थान हो सकता है। सवाल ये है कि शैक्षणिक परिसरों को धर्म के नाम पर क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

जयपुर का महारानी कॉलेज विवाद इस समय राजस्थान की सियासत, शिक्षा और समाज के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक बन गया है।
जहां एक ओर हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह “लैंड जिहाद” की साजिश है, वहीं प्रशासन इसे “पुराने निर्माण” का हवाला देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन आज जब छात्राएं डरी हुई हैं, जब देश का युवा गुस्से में है और जब प्रशासन की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है — तब सवाल सिर्फ एक है —

क्या बेटियों की शिक्षा के किले में अब मज़हब की दीवारें खड़ी होंगी?

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