प्यार की आड़ में हैवानियत: पीलीभीत में युवती से दरिंदगी के बाद नहर में फेंका
घटना का काल्पनिक चित्र
सिरफिरे आशिक ने पहले किया दरिंदगी का खेल, फिर नहर में फेंक दी बेटी – पीलीभीत की नहर किनारे चीखती रही इंसानियत!
लोग सन्न, पुलिस सकते में, सवालों के कटघरे में मोहब्बत या हैवानियत?
प्यार की आड़ में हैवानियत: पीलीभीत की नहर में डूबती एक बेटी की चीख – प्यार का नहीं, हैवानियत का सच!
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार का दिन उस परिवार के लिए काली सुबह बनकर आया, एक जवान बेटी घर से सुरक्षित निकली थी, लेकिन दोपहर तक एक नहर की तेज धारा में उसकी जिंदगी बहती हुई खबर बन चुकी थी। शहर की उस भीड़भाड़ से दूर एक नहर पर दो युवक-युवती के कूदने की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली, तो सबने यही सोचा – एक और लव स्टोरी का दुखद अंत! लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, मामला इश्क का नहीं, दरिंदगी की एक साजिश निकली।
प्यार की आड़ में हैवानियत: मौके पर पहुंची पुलिस – युवक तैरकर बचा, युवती बह गई
पुलिस की टीम जैसे ही घटनास्थल पर पहुंची, वहां अफरा-तफरी का माहौल था। सूचना थी कि एक युवक और युवती ने साथ में नहर में छलांग लगा दी है। घटनास्थल पर देखा गया कि युवक तो तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन युवती तेज बहाव में बह गई। आनन-फानन में गोताखोरों की टीम लगाई गई। लेकिन पानी की गहराई और रफ्तार के बीच वो मासूम युवती कहां खो गई, किसी को नहीं पता।
प्यार की आड़ में हैवानियत: पिता ने किया चौंकाने वाला खुलासा – ‘उसने मेरी बेटी से बलात्कार किया!’
इसी बीच घटनास्थल पर पहुंचे युवती के पिता ने जो कहा, वो रूह कंपा देने वाला था। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि –
“उस सिरफिरे लड़के ने मेरी बेटी से पुल पर जबरदस्ती की, बलात्कार किया और फिर उसे नहर में फेंक दिया।”
अब सवाल यह है कि यदि दोनों ने खुदकुशी करनी थी, तो युवक ने खुद को बचाने की तैयारी क्यों कर रखी थी? क्या यह पहले से सोची-समझी साजिश थी?
दोनों अलग समुदाय के – शक और साजिश की कहानी गहराई में
युवक और युवती दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। अब यह मामला सिर्फ भावनाओं का नहीं रहा – यह सामाजिक तनाव, भरोसे की हत्या और इंसाफ की पुकार बन चुका है। युवक ने जहां खुद पर लगे सभी आरोपों से इनकार कर दिया है, वहीं युवती का अब तक ना मिलना, और तैरकर बच निकला युवक – बहुत कुछ कहता है, जो छिपाया जा रहा है।
FIR दर्ज, जांच शुरू – लेकिन सवाल बाकी हैं…
पीड़ित पिता ने थाने में लिखित शिकायत दी है। आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर धाराओं में जांच शुरू हो गई है। लेकिन क्या इतना काफी है?
क्या युवती की तलाश पूरी होगी?
क्या आरोप साबित हो पाएंगे?
क्या युवक को बचाने की कोई ‘सोची समझी रणनीति’ थी?
और क्या इसे महज ‘अंतरधार्मिक प्रेम’ कहकर दबा दिया जाएगा?
थाना प्रभारी जहानाबाद ने बताया की परिजनों ने बताया की पहले से ही दोनों के बीच आपस में बात होती थी, लेकिन हम फ़िलहाल अभी युवती को तलाश करने में जुटे है, मांमले में जाँच जारी है
प्यार की आड़ में हैवानियत: जवाब चाहिए सिस्टम! बेटी के खून का हिसाब चाहिए
हर मां-बाप आज सवाल कर रहे हैं कि –
“हम कब तक अपनी बेटियों को पुलों पर बेसहारा छोड़ते रहेंगे?”
“क्या हर रिश्ते की शुरुआत अब शक से होगी?”
“और कब तक कोई हैवान मासूमियत की आड़ में अपनी हवस का खेल खेलेगा?”
इस घटना ने सिर्फ पीलीभीत को नहीं, पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। लोगों की मांग है कि इस केस में जल्द से जल्द कार्रवाई हो, दोषी को कड़ी से कड़ी सजा, और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। यह कोई प्रेम-प्रसंग नहीं – यह बलात्कार और हत्या की एक खौफनाक कहानी है, जिसे नहर की लहरें बहाकर ले गईं, लेकिन सवाल आज भी पानी से बाहर हैं।
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