मोदी का ऐतिहासिक जापान दौरा: गायत्री मंत्र से गूँजा टोक्यो, India Japan Summit 2025 में 6 लाख करोड़ निवेश की तैयारी
India Japan Summit 2025:मोदी का आठवां जापान दौरा, गायत्री मंत्र से हुआ स्वागत, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह दो दिन के जापान दौरे पर टोक्यो पहुंचे। बतौर प्रधानमंत्री यह उनकी आठवीं जापान यात्रा है। टोक्यो के होटल में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक तरीके से गायत्री मंत्र के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की और भारत-जापान संबंधों को लेकर अपने विचार साझा किए।
India Japan Summit 2025:दौरे का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान 15वें भारत-जापान वार्षिक समिट में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का अवसर माना जा रहा है। रवाना होने से पहले मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस दौरे का मकसद भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना है।
पिछली बार किसी वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मोदी 2018 में जापान गए थे। उसके बाद वे 2019 में ओसाका में आयोजित G20 समिट और 2023 में हिरोशिमा में G7 समिट में शामिल हुए थे। अब सात साल बाद वे वार्षिक समिट के लिए जापान पहुँचे हैं।
India Japan Summit 2025:सुरक्षा और व्यापार पर अहम चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी आज जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच डिनर भी होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की मुलाकात केवल द्विपक्षीय ही नहीं बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक संतुलन पर भी असर डाल सकती है।
India Japan Summit 2025:बुलेट ट्रेन फैक्ट्री का दौरा
मोदी 30 अगस्त को जापान के मियागी प्रांत में उस फैक्ट्री का दौरा करेंगे, जहां से भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के कोच तैयार होते हैं। यह दौरा भारत-जापान की तकनीकी साझेदारी और आधारभूत संरचना विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
जापान का बड़ा निवेश
जापान इस यात्रा के दौरान भारत में लगभग 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.93 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा कर सकता है। यह निवेश सेमीकंडक्टर, संचार, स्वच्छ ऊर्जा और दवा आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी दोनों देशों के बीच नई पहल की संभावना जताई जा रही है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में दौरे का महत्व
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ऐसे हालात में जापान का सहयोग भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। विशेषज्ञ इसे भारत की एशिया में स्थिति को और सशक्त बनाने वाला कदम मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह जापान दौरा केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका को और प्रभावशाली बनाने का प्रयास है। गायत्री मंत्र से हुआ स्वागत यह दर्शाता है कि जापान भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को भी उतना ही महत्व देता है जितना रणनीतिक साझेदारी को। आने वाले दिनों में इस यात्रा से जुड़े समझौते दोनों देशों के संबंधों को और भी मज़बूत करेंगे और भारत की आर्थिक, तकनीकी और सामरिक स्थिति को नए मुकाम तक पहुँचाएँगे।