पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! मेवातपुर गांव में महिला पर हमला, ग्रामीणों में आक्रोश, मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद

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पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! मेवातपुर में महिला पर हमला, हालत नाज़ुक, गांव में दहशत, भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीम मौके पर।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! मेवातपुर में महिला पर हमला, हालत नाज़ुक, गांव में दहशत, भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीम मौके पर।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! सुबह का सन्नाटा, खून से सराबोर खेत – मेवातपुर गांव में फिर बरपा तेंदुए का कहर

पीलीभीत जिले के निओरिया थाना क्षेत्र के मेवातपुर गांव में रविवार सुबह करीब 10 बजे तेंदुए ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। देवकी देवी (पत्नी हेमराज), जो अपनी धान की फसल देखने खेत गई थीं, अचानक झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बमुश्किल महिला को उसके जबड़ों से छुड़ाया गया। महिला की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! ग्रामीणों में गुस्सा – “हम कब तक तेंदुओं के निशाने पर मरते रहेंगे?”

घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन न वन विभाग ने कोई जाल लगाया, न गश्त की। अब महिला की जिंदगी मौत से जूझ रही है और गांव के किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने इसे “प्रशासनिक नाकामी” बताया और चेतावनी दी कि अगर तेंदुए को जल्द नहीं पकड़ा गया, तो वे आंदोलन करेंगे।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! थाना प्रभारी बोले – “पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर”

थाना निओरिया प्रभारी ने पुष्टि करते हुए कहा, “मेवातपुर गांव में तेंदुए ने महिला पर हमला किया है। महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर डटी हैं, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो।”

DFO टाइगर रिजर्व का बयान – “तेंदुए की तलाश तेज, टीम तैनात”

डीएफओ टाइगर रिजर्व मनीष सिंह ने घटना पर कहा, “हां, मेवातपुर गांव में तेंदुए द्वारा महिला पर हमला हुआ है। हमारी टीम मौके पर भेजी जा रही है। तेंदुए की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।”

पिछले हमलों की गूंज – किसानों की जिंदगियां दांव पर

याद रहे कि पिछले कुछ महीनों में पीलीभीत और आसपास के इलाकों में तेंदुए और बाघ के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई किसान और ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए, कुछ की जान तक चली गई। फिर भी प्रशासन और वन विभाग अब तक प्रभावी समाधान नहीं निकाल पाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने खेत और जंगल छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! प्रशासन पर सवाल – “जाल और गश्त क्यों नहीं?”

गांववालों का आरोप है कि विभाग सिर्फ बयानबाजी कर रहा है। न तो इलाके में पिंजरे लगाए गए, न निगरानी बढ़ाई गई। “क्या हमारी जान की कोई कीमत नहीं?” एक स्थानीय किसान ने रोष जताते हुए कहा। लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हालात बिगड़ सकते हैं।

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