पीलीभीत: खारजा नहर में 15 फीट लंबा मृत अजगर मिला, हड़कंप!
पीलीभीत के कलीनगर क्षेत्र की खारजा नहर में 15 फीट लंबा मृत अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग जांच में जुटा, लोगों में दहशत और कौतूहल दोनों।
पीलीभीत: 15 फीट लंबा मृत अजगर मिला नहर में, खारजा में बिखरी जंगल की खामोश दहशत
रॉकेट पोस्ट लाइव — जहां खबरें बोलती हैं
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद के कलीनगर तहसील क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक बेहद चौंकाने वाली और दुर्लभ घटना सामने आई, जिसने ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग को भी अलर्ट कर दिया।
खारजा नहर में एक विशालकाय 15 फीट लंबा अजगर का शव बहता हुआ देखा गया। नहर में तैरते इस भारी-भरकम मृत सांप को देखकर गांववालों के रोंगटे खड़े हो गए। देखते ही देखते नहर किनारे भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने शुरू कर दिए।
पीलीभीत: स्थानीय लोगों ने दी सूचना, वन विभाग तुरंत मौके पर पहुंचा
ग्रामीणों ने जब इस अजगर को बहते देखा तो तुरंत वन विभाग को सूचित किया।
सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बड़ी सावधानी से अजगर के शव को नहर से बाहर निकाला। टीम ने प्राथमिक जांच शुरू की, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका।
पीलीभीत: प्राकृतिक मौत मान रहा है वन विभाग, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी
वन अधिकारियों ने फिलहाल अजगर की मौत को “प्राकृतिक” बताया है, हालांकि वे यह भी जांच कर रहे हैं कि इतनी विशालकाय सरीसृप नहर में कैसे पहुंचा?
क्या यह किसी अन्य वन क्षेत्र से बहकर आया या फिर यहां आसपास ही कहीं उसका निवास था?
पहली बार इतना विशाल अजगर देखा गया, ग्रामीणों में कौतूहल और डर
ग्रामीणों ने बताया कि खारजा नहर क्षेत्र में पहले भी सांप और अजगर देखे जाते रहे हैं, लेकिन इतनी बड़ी लंबाई वाला अजगर पहली बार सामने आया है।
इस घटना ने लोगों में जिज्ञासा और डर दोनों बढ़ा दिए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि यह अजगर जीवित होता और किसी खेत या आबादी की ओर चला जाता, तो जान-माल का भारी खतरा हो सकता था।
भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा, वन्य जीवों की सुरक्षा पर उठे सवाल
विशालकाय अजगर को देखने के लिए इतनी भीड़ जमा हो गई कि स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम को भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर से वन्य जीवों की सुरक्षा और उनकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या विभाग ऐसी घटनाओं के लिए तैयार है? क्या आसपास के जंगलों और जल स्रोतों की पेट्रोलिंग या निगरानी होती है?
पीलीभीत: वन क्षेत्र में बढ़ती हलचल, आने वाले समय के लिए चेतावनी?
पीलीभीत के जंगलों और नहरों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं भविष्य में किसी खतरे की घंटी हो सकती हैं।
विशेषकर बच्चों, किसानों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर अब गांववाले ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
रॉकेट पोस्ट लाइव की अपील:
वन्य जीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं, लेकिन अगर वे मृत अवस्था में यूं ही मिलते रहें, तो यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
प्रशासन को चाहिए कि वह नहरों और जलमार्गों की निगरानी को मजबूत करे और वन्यजीवों के आवास की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
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