कुमा: ग्रामवासियों ने सुनाई छांगुर बाबा की खौफनाक कहानी
कुमा: बलरामपुर के उतरौला में ATS ने धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया, विदेशी फंडिंग और हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने का खुलासा।
कुमा: उतरौला की धरती पर छुपा था ‘धर्मांतरण का दरिंदा’: छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन की गिरफ़्तारी ने खोले 100 करोड़ के रैकेट के राज!
अजय देव वर्मा
बलरामपुर | RocketPostLive.com
कुमा: एक बाबा… जिसकी शुरुआत अंगूठियों से हुई और अंत हुआ जेल की सलाखों में!
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का उतरौला कस्बा फिर एक बार देशभर की सुर्खियों में है। पहले आतंकी गतिविधियों के लिए चर्चा में आया यह इलाका, अब एक बड़े धर्मांतरण रैकेट के भंडाफोड़ के कारण लोगों के दिलों में सनसनी फैला रहा है। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है — छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, जो अब यूपी एटीएस की गिरफ्त में है।
कुमा: अंगूठी बेचने वाला कैसे बना ‘पीर बाबा’?
छांगुर बाबा का असली नाम जलालुद्दीन है, और उसका पुश्तैनी गांव है रेहरा माफी। शुरुआत में वह सस्ते नग और अंगूठी बेचता था, लेकिन जल्दी ही उसने मुंबई की मशहूर हाजी अली दरगाह का रुख किया और वहीं से उसकी किस्मत पलट गई।
आर्थिक हालात सुधरे, गाड़ियों में चलने लगा, ज़मीन की खरीद-फरोख्त में कूदा और फिर खुद को बना लिया “पीर बाबा” — लोगों को दुआएं देने वाला रहनुमा।
मुंबई के रसूखदार परिवार का धर्मांतरण बना टर्निंग पॉइंट
छांगुर बाबा पर आरोप है कि उसने मुंबई के एक प्रतिष्ठित हिंदू दंपत्ति और उनकी बेटी का धर्मांतरण कराया। पति नवीन रोहरा को बनाया जमालुद्दीन, पत्नी नीतू को नया नाम मिला — नसरीन।
ये परिवार न सिर्फ बाबा के साथ उतरौला के मधुपुर स्थित उसके आवास पर रहने लगा, बल्कि बाबा उनके लग्जरी वाहनों में चलने लगा। ये सारा खेल दिखाता है कि किस तरह यह बाबा सिर्फ दुआ नहीं, पूरा नेटवर्क चला रहा था।
कुमा: हिंदू युवतियों को फंसाकर किया जाता था धर्मांतरण!
ATS सूत्रों के अनुसार, बाबा छांगुर का गिरोह हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें इस्लाम कबूल करवाने के लिए दबाव बनाता था। यह रैकेट संगठित, चालाक और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग से लैस था।
ATS की बड़ी कार्रवाई, मिले विदेशी फंडिंग के सबूत
यूपी एटीएस ने शनिवार को छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार कर लिया।
50 हजार का इनामी बाबा अब सलाखों के पीछे है।
इससे पहले, 8 अप्रैल को उसके बेटे महबूब और नवीन उर्फ जमालुद्दीन को भी गिरफ्तार किया गया था।
गिरोह की 40+ इस्लामी देशों की यात्राएं और 100 करोड़ रुपये तक की विदेशी फंडिंग का भी खुलासा हुआ है।
कुमा: गांव में फूटा गुस्सा, लोगों ने उठाई जांच की मांग
छांगुर बाबा का गांव रेहरा माफी इस घटना के बाद से स्तब्ध है। गांव के लोगों ने खुलकर बयान दिए:
जावेद – “बचपन से देखा है उसे, कभी नहीं सोचा था कि ऐसा जाल फैलाएगा।”
जावेद अली – “धोखा दिया पूरे समाज को, अब सख्त सजा मिलनी चाहिए।”
मोहम्मद रज़ा – “गांव बदनाम हो गया है।”
आलोक कुमार (स्थानीय निवासी) – “अब प्रशासन को ऐसे हर बाबा की जांच करनी चाहिए।”
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इस घटना ने साबित कर दिया है कि धर्मांतरण का कारोबार एक सुनियोजित नेटवर्क है जो भोले-भाले लोगों की आस्था और मासूमियत का शोषण करता है। ऐसे हर गिरोह को बेनकाब करना ही देश की सामाजिक एकता और सुरक्षा के लिए जरूरी है।
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