Pilibhit: खनन माफियाओं ने किसान को कुचल कर मार डाला, 3 नामजद सहित 9 के खिलाफ मुकदमा
Pilibhit में अवैध खनन के विरोध पर किसान को ट्रैक्टर कुचला दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। नेपाल सीमा के निकट स्थित अशोकनगर गांव में अवैध खनन का विरोध करने पर एक 60 वर्षीय किसान इंद्रजीत सिंह पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और इलाके में देर रात तक हंगामा चलता रहा। पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर तीन नामजद और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Pilibhit: अवैध खनन और विवाद की शुरुआत
अशोकनगर गांव में लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही थीं। बुधवार की रात लगभग नौ बजे कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खेतों में बाढ़ के बाद जमा हुई रेत और मिट्टी निकाल रहे थे। यह जानकारी गांव प्रधान को मिली।
प्रधान ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर खनन का विरोध किया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने के लिए रास्ते में खड़े होकर विरोध जताया।
Pilibhit: विरोध के दौरान हुई दर्दनाक घटना
ग्रामीणों के विरोध के बीच ट्रैक्टर चालक ने गालियां दी और धमकी भरे शब्द कहे कि यदि विरोध जारी रहा तो सभी को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इसके बावजूद ग्रामीण खड़े रहे। गुस्साए ट्रैक्टर चालक ने सीधे किसानों की ओर ट्रैक्टर चला दिया।
इंद्रजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनके साथ चार अन्य लोग भी घायल हुए।
सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इंद्रजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया।
Pilibhit: मृतक के परिवार का बयान
इंद्रजीत सिंह के बेटे ने बताया कि उनके पिता ने अवैध खनन कर रहे व्यक्तियों का विरोध किया था। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग पहले गालियां देते रहे और फिर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी। मृतक के परिवार ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपीयों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना में इस्तेमाल हुए ट्रैक्टर का विवरण भी सामने आया है। बताया गया कि दो ट्रैक्टर – पावर ट्रैक EURO 50 और पावर ट्रैक 4455 – अवैध खनन में प्रयोग किए जा रहे थे।
Pilibhit: ग्रामीणों का आक्रोश और हंगामा
घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। उन्होंने जमकर विरोध किया और आरोपीयों की गिरफ्तारी की मांग की। हंगामा देर रात तक जारी रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
Pilibhit: पूरनपुर सीओ का मामले पर बयान और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर सीओ और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। खेतों में खनन की जांच के लिए राजस्व टीम को भेजा गया। सीओ ने बताया की मृतक के परिजनों की तहरीर पर तीन नामजद और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस आरोपीयों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह घटना अवैध खनन और कानून व्यवस्था की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अवैध खनन की गतिविधियां ग्रामीणों के जीवन और खेतों के लिए खतरा बन चुकी हैं।
किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
घटना यह भी दर्शाती है कि कानून की नजर के बाहर अपराधी आसानी से हिंसा कर सकते हैं।
पीलीभीत की यह घटना केवल एक किसान की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह अवैध खनन, माफियाओं के दबदबे और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक है। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और आरोपीयों की गिरफ्तारी पर हैं, ताकि न्याय और कानून की शक्तियों का भरोसा ग्रामीणों को पुनः प्राप्त हो सके।
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