अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो’, महिलाओं पर टूटा कहर!

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अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो’, सगहापुर में पुलिस की तानाशाही! थानाध्यक्ष विजय तिवारी की दबंगई से महिलाओं संग धक्का-मुक्की, वीडियो वायरल।

अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो’, पुलिस के अमानवीय कृत्य का दृश्य

अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो: जेसुल्तानपुर थानाध्यक्ष विजय तिवारी की मनमानी, महिलाओं के आंसू और गुस्सा दोनों फूटा

अंबेडकरनगर जिले के सगहापुर गांव में जमीन विवाद के बीच पुलिस की दबंगई का ऐसा चेहरा सामने आया जिसने पूरे इलाके में गुस्सा भड़का दिया। राजेसुल्तानपुर थानाध्यक्ष विजय तिवारी खुद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एक पक्ष का निर्माण कार्य रुकवाने के बहाने सीधे पुरुषों को दौड़ाकर हिरासत में लेना शुरू कर दिया, मानो किसी बड़े अपराधी या आतंकी को पकड़ रहे हों।

अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो’, जमीन विवाद से शुरू हुई ‘दबंगई की पटकथा’

सगहापुर गांव में पट्टीदारों के बीच जमीन का पुराना विवाद चल रहा था। पुलिस की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने भूखंड को धारा 145 CrPC के तहत कुर्क कर सीमांकन कर दिया था। सीमांकन के बाद बचे हिस्से पर एक पक्ष ने निर्माण शुरू किया, लेकिन पुलिस मौके पर पहुंचकर इसे भी रोकने लगी।

जब डायल 112 की टीम निर्माण कार्य रुकवाने में नाकाम रही तो थानाध्यक्ष विजय तिवारी खुद फोर्स के साथ पहुंचे और बिना कोई सुनवाई किए, एकतरफा कार्रवाई में सीधे लोगों को पकड़ने लगे।

महिलाओं का फूटा गुस्सा, सड़क पर ‘गुत्थमगुत्था’ का नजारा

पुलिस के इस रवैए से सहमी महिलाएं पहले तो रोती-बिलखती रहीं, हाथ जोड़कर विनती करती रहीं, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। हालात तब बिगड़े जब पुलिस ने पुरुषों को दौड़ाकर पकड़ा और घसीटते हुए ले जाने लगी

इस दौरान महिलाएं विरोध में आगे आ गईं, पुलिस और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की और गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया और इसी बीच एक महिला अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन पुलिस का रवैया ऐसा था मानो वे ‘आतंकी अभियान’ चला रहे हों।

अंबेडकरनगर में पुलिस का ‘तानाशाही शो: वीडियो वायरल, थानाध्यक्ष की दबंगई पर सवाल

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि धारा 145 के तहत कुर्क की गई जमीन के बचे हिस्से पर निर्माण का विवाद प्रशासनिक गलती थी, लेकिन इसका खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों और महिलाओं को क्यों भुगतना पड़ा?

तहसील प्रशासन का कहना है कि कुर्क की गई जमीन से छोड़ा गया हिस्सा पुलिस की लापरवाही थी, लेकिन पुलिस की तानाशाही कार्रवाई और महिलाओं पर धक्का-मुक्की ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोगों का गुस्सा – “क्या जनता अपराधी है या पुलिस?”

ग्रामीणों का कहना है –
“हम जमीन विवाद का हल चाहते हैं, लेकिन पुलिस हमें अपराधी की तरह घसीट रही है। महिलाएं रोईं, गिड़गिड़ाईं, लेकिन पुलिस का रवैया ऐसा था जैसे किसी आतंकी को पकड़ने आई हो।”

सोशल मीडिया पर भी लोग थानाध्यक्ष विजय तिवारी और पुलिस बल की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि महिलाओं पर धक्का-मुक्की और एकतरफा कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।

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