HARDOI NEWS: शिक्षा राज्यमंत्री ने देखा गृह जिले में शिक्षकों का निकम्मापन, बच्चें नहीं बता पाए मामूली सवाल, बड़ी कार्रवाई की उम्मीद
हरदोई: सूबे की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी के सामने ही शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। साफ हो गया कि हरदोई के इस गाँव में तो शिक्षा व्यवस्था सिर्फ भगवान भरोसे चल रही है। शिक्षा मंत्री हरदोई के जटपुरा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा के स्तर का जायजा लेने पहुंची थी।
उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने लगाईं पाठशाला
सीएम योगी अक्सर सरकारी शिक्षा व्यवस्था, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र में विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता लेकर काफी संजीदा दिखते हैं। लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता परखने उच्च शिक्षा राज्य मंत्री अपने ही गृह जिले के गाँव जटपुरा के प्राथमिक विद्यालय में पहुँच गई। शिक्षक मंत्री के स्वागत सत्कार में लगे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि मंत्री रजनी तिवारी बच्चों से सीधे संवाद करेंगी और खुद ही पाठशाला लगा लेंगी। जिसके बाद इन शिक्षकों की करतूत मंत्री के सामने खुल जायेगी।
बच्चे दे नहीं सके मामूली प्रश्नों के जबाव

मंत्री रजनी तिवारी बच्चों से घुलते मिलते हुए पाठ्क्रम के सवाल पूंछने लगी लेकिन जब उन्हें इन सवालों के जबाव नहीं मिलें तो उन्होंने बच्चों से पूँछ लिया कि देश के प्रधान मंत्री कौन हैं ? बच्चे कोई जबाव यही दे सके, यह देखकर मंत्री रजनी तिवारी का मूड खराब हो चुका था लेकिन उन्होंने बच्चों से अगला सवाल पूंछा कि यूपी के मुख्यमंत्री कौन हैं ? बच्चे इस पर भी कोई जबाव न दे सके।
मंत्री की फटकार पर बगलें झाकने लगे बीएसए
मंत्री रजनी तिवारी ने जब यह देखा कि पाठ्क्रम से जुड़ा कोई सवाल और न ही सामान्य ज्ञान का कोई सवाल बच्चे बता पाए तो गुस्साई शिक्षा मंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को फटकार लगाईं कि शिक्षा विभाग यह क्या कर रहा। हालंकि बीएसए और शिक्षकों के पास मंत्री के सवाल का बगलें झांकने के अलावा और कोई जबाव नहीं था।
कब होगी नकारा शिक्षकों पर कार्रवाई
वैसे आम लोंगो के लिए सरकारी बेसिक शिक्षा की यह हकीकत सामने आना कोई नई बात नहीं है। लेकिन बड़ी बात यह है कि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के गृह नगर में उनके नाक के नीचे काम करने वाले अधिकारी नाकारापन से बाज नहीं आ रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि शिक्षा मंत्री ऐसे नकारा शिक्षकों और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर बड़ा संकेत देंगी। ताकि सरकार से मिलने वाली मोटी तन्खाव लेकर बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ करने वालों को सबक मिल सके।