GST Bachat Utsav: जन-विरोधी है हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार-जेपी नड्डा
GST Bachat Utsav: जन-विरोधी है हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार, जनता पर बढ़ता टैक्स का बोझ
GST छूट के उत्सव में हिमाचल कांग्रेस सरकार की उदासीनता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में #GSTBachatUtsav मनाया जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन से ही आम जनता को GST में भारी छूट का लाभ मिल रहा है और लोग राहत की सांस ले रहे हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जनता के इस अधिकार और राहत को पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। जबकि देश के अन्य राज्यों में नागरिक इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं, हिमाचल में जनता पर नए-नए टैक्स और शुल्क वसूली जा रहे हैं।
सीमेंट और जीवनोपयोगी वस्तुओं पर भारी टैक्स
हिमाचल प्रदेश की सरकार anti-dumping duty के नाम पर सीमेंट की 50 किलो बोरी पर 16 रुपए तक का टैक्स वसूल रही है। यह कदम न केवल जनता के बजट पर भारी असर डाल रहा है, बल्कि प्रदेश की आपदा और आर्थिक तंगी की स्थिति में आम लोगों को सीधे निशाना बना रहा है। सरकार ने सिर्फ सीमेंट पर ही नहीं, बल्कि पानी के बिल और स्टाम्प शुल्क पर भी टैक्स बढ़ाकर आम जनता को भारी बोझ दिया है।
जनता पर बोझ डालने में जुटी सरकार
जब हिमाचल प्रदेश आपदा और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है, तब कांग्रेस सरकार अपनी तिजोरी भरने में लगी हुई है। इस असंवेदनशीलता और जन-विरोधी नीति ने प्रदेशवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा जनता को राहत देने की थी, लेकिन हिमाचल कांग्रेस सरकार इस राहत को रोककर जनता पर नए बोझ डाल रही है।
भविष्य में जनता का कठोर संदेश
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस जन-विरोधी रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जनता इस असंवेदनशील और कर-लूट की राजनीति को कभी नहीं भूलेगी। समय आने पर हिमाचल की जनता कांग्रेस सरकार को उसके जन-विरोधी कदमों के लिए सबक सिखाएगी।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की कर और शुल्क नीति ने प्रदेशवासियों को आर्थिक तंगी में और अधिक दबाव में डाल दिया है। जबकि देश के अन्य हिस्सों में GST छूट के लाभ से राहत मिल रही है, हिमाचल की जनता को भारी बोझ और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता जनता की भलाई नहीं, बल्कि अपनी तिजोरी भरना है।
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