देखिए इस गांव के पेड़ पर लटका मिला विशाल अजगर, जानिए कैसे किया गया रेस्क्यू और फिर आगे हुआ क्या
सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम सभा मठिया, पोस्ट अर्जुनपुर में बुधवार की सुबह अचानक एक अद्भुत और ध्यानाकर्षक दृश्य देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपने गांव के बगल लगे जंगली पेड़ पर एक विशालकाय अजगर को लिपटे हुए देखा। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों को आश्चर्य में डाल दिया और देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
जानिए कितना विशाल था अजगर
स्थानीय लोगों के अनुसार, अजगर की लंबाई और आकार ने सभी का ध्यान खींचा। ग्रामीणों ने तुरंत समाज सेवी काकू यादव को सूचना दी, जिन्होंने 112 पुलिस को मामले की जानकारी दी। इस बीच, अजगर के पेड़ पर होने के कारण ग्रामीणों में मिश्रित भावना देखने को मिली – कहीं जिज्ञासा थी तो कहीं थोड़ी दहशत भी।
अजगर का पेड़ पर लिपटा होना एक दुर्लभ और खतरनाक स्थिति हो सकती थी, लेकिन ग्रामीणों ने सावधानी बरतते हुए सुरक्षित दूरी बनाकर इसकी निगरानी की। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी घटना की जानकारी तेजी से फैल गई और आसपास के क्षेत्रों से लोग इस दृश्य को देखने के लिए आने लगे।
वन विभाग को दी गई जानकारी
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वन विभाग को भी सूचित किया। वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के बाद अजगर को पकड़ने और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की योजना बनाई।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए अजगर को पेड़ से नीचे उतारा और उसे सुरक्षित रूप से ट्रांजिट वाहन में रखा। इसके बाद अजगर को जंगल के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की हानि या दुर्घटना नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने समय पर कदम नहीं उठाया होता, तो अजगर और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि मानव और वन्य जीवों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अजगर आमतौर पर घने जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देते हैं। भोजन की तलाश में या प्राकृतिक आवास से भटकने के कारण वे गांवों के पास आ जाते हैं। इसलिए वन्य जीवन विशेषज्ञ हमेशा यह सुझाव देते हैं कि ग्रामीण इन जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
इस घटना से यह संदेश भी मिलता है कि ग्रामीण और वन्य जीवों के बीच समझ और सतर्कता होना कितना महत्वपूर्ण है। अजगर की सुरक्षित रेस्क्यू प्रक्रिया ने सभी को यह सिखाया कि संयम और सहयोग से किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का समाधान किया जा सकता है।
अजगर देखने के लिए लग चुकी थी भारी भीड़
इसके अलावा, ग्रामीणों ने बताया कि अजगर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, लेकिन सभी ने सुरक्षा नियमों का पालन किया। उन्होंने वन विभाग की टीम के मार्गदर्शन में अजगर को सुरक्षित तरीके से देखने का अनुभव साझा किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि स्थानीय प्रशासन और वन विभाग का समय पर और जिम्मेदार रवैया कैसे किसी भी जटिल स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से हल कर सकता है। ग्रामीणों की सतर्कता और प्रशासन की तत्परता के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ और अजगर भी सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास में लौट गया।