गन्ना उत्पादन में गिरावट का कारण कार्बनिक पदार्थ की भारी कमी, खेतों में जैविक खाद की जरूरत बढ़ी

0
गन्ना उत्पादन में गिरावट का कारण कार्बनिक पदार्थ की कमी को दर्शाता पीलीभीत जिले का खेत,

गन्ना उत्पादन में गिरावट का कारण कार्बनिक पदार्थ की कमी

 जिले में गन्ना उत्पादन में हो रही गिरावट की पड़ताल करने ग्राम वहनपुर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने खेतों की वास्तविक स्थिति देखकर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गन्ने की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी में पर्याप्त कार्बनिक पदार्थ होना जरूरी है, जो आज तेजी से खत्म हो रहा है।”

ग्राम भ्रमण के दौरान आयोजित सट्टा प्रदर्शन के निरीक्षण में उपस्थित किसानों को जानकारी दी गई कि जुलाई का महीना गन्ने की फसल के लिए निर्णायक होता है। गन्ना एक ऐसी फसल है जिसे 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, लेकिन ये तभी मिल सकते हैं जब जमीन में पर्याप्त जैविक तत्व हों।

गन्ना उत्पादन में गिरावट का कारण कार्बनिक पदार्थ की कमी

हाल ही में जिले के विभिन्न हिस्सों से लिए गए मिट्टी के नमूनों की जांच में कार्बनिक तत्वों की मात्रा सिर्फ 0.12 प्रतिशत पाई गई, जबकि यह कम से कम 0.75% होनी चाहिए। इतनी कम मात्रा को विशेषज्ञ बेहद चिंताजनक मानते हैं।

गन्ना उत्पादन में गिरावट का कारण कार्बनिक पदार्थ की कमी

इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण बताया गया—गाय पालन में आई कमी। पारंपरिक खेती में गोबर से बनी जैविक खाद (घूर खाद, वर्मी कम्पोस्ट) की अहम भूमिका होती थी, लेकिन अब वह लगभग खत्म हो चुकी है। इससे मिट्टी की उर्वरकता पर सीधा असर पड़ा है।

 समाधान क्या है?

गन्ना विकास विभाग ने किसानों से अपील की है कि:

  • खेतों में उड़द, मूंग, लोबिया, अरहर व राजमा जैसी दलहनी फसलों को अपनाएं।

  • गाय पालन को फिर से बढ़ावा दें।

  • घूर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घन जीवामृत व बीजामृत का खेतों में उपयोग करें।

  • रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें और जैविक टिकाऊ खेती की ओर बढ़ें।

 अपील: आज मिट्टी को बचाओ, तभी कल की फसल बचेगी

यह भी देखें :-

PILIBHIT TIGER RESERVE: पर्यटकों के लिए खास संदेश, क्या है नई गाइडलाइन?

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading