यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ी फर्जी महिला जज, पढ़िए कैसे हुई पहचान और 35 लाख कहां से लिए
बिजनौर। जिले में पुलिस ने एक फर्जी जज को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ी गई महिला का नाम आयशा परवीन बताया गया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी सामान्य चेकिंग के दौरान की, जब महिला के आई कार्ड और व्यवहार में असामान्यताएं देखी गई।
दरअसल, चेकिंग के समय आयशा परवीन का का चेहरा मुरझाया हुआ नजर आया, जो कि उसके पति के संदर्भ में पुलिस को शक पैदा करने के लिए पर्याप्त था। जब पुलिस ने उनसे आई कार्ड दिखाने को कहा, तो सामने आया कि आई कार्ड फर्जी था।
HDFC बैंक से है 35 लाख का लोन
जांच में पता चला कि आयशा परवीन ने खुद को जज बताकर HDFC बैंक से 35 लाख रुपये का लोन लिया था। पुलिस के अनुसार, लोन लेने के समय उपयोग किया गया आई कार्ड फर्जी था और महिला ने खुद को न्यायिक अधिकारी बताया। इस धोखाधड़ी की भनक लगते ही पुलिस एक हफ्ते से महिला की तलाश कर रही थी, जो अब सफलतापूर्वक पकड़ ली गई है।
पुलिस की सतर्कता से खुला मामला
दरोगा जी ने बताया कि सामान्य चेकिंग के दौरान महिला के आई कार्ड और उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। आई कार्ड की जांच में पता चला कि यह असली न्यायिक अधिकारी का नहीं था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत आयशा परवीन की खोजबीन शुरू की, जो कि पूरे जिले में सतर्कता और समन्वय का उदाहरण है। इस गिरफ्तारी से यह साबित हुआ कि सतर्क और चौकस पुलिस कार्यवाही अपराधों को रोकने में कितनी प्रभावी हो सकती है।
जानिए जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब आयशा परवीन के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला ने अन्य बैंक और वित्तीय संस्थानों से किसी तरह का लाभ तो नहीं उठाया। इस कदम से यह संदेश भी जाता है कि कोई भी व्यक्ति सरकारी या न्यायिक पद का गलत फायदा नहीं उठा सकता।