Dussehra 2025: दशहरा पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और तिथि जानें
Dussehra 2025 : दशहरा या विजयदशमी भारत का एक प्रमुख त्यौहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और माँ दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म की स्थापना की। हर साल यह पर्व विजय, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है।
दशहरा 2025 की तिथि और समय
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तिथि (Date): 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार
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विजय मुहूर्त: दोपहर 01:58 से 02:43 बजे तक
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अपराह्न पूजा समय: दोपहर 01:58 से 04:15 बजे तक
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दशमी तिथि प्रारंभ: 1 अक्टूबर 2025, रात 08:37 बजे
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दशमी तिथि समाप्त: 2 अक्टूबर 2025, शाम 06:12 बजे
👉 दशहरे के दिन विजय मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है। इसी समय शस्त्र पूजन और रावण दहन श्रेष्ठ रहता है।
दशहरा पूजा विधि
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प्रातः स्नान और संकल्प – सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
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देवी-देवताओं की पूजा – भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी और माँ दुर्गा की पूजा करें।
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शस्त्र पूजन – शस्त्र, औजार और वाहन की विधिवत पूजा करें।
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नीलकंठ दर्शन – मान्यता है कि इस दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ होता है।
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रावण दहन – शाम को रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है।
दशहरे का महत्व
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यह पर्व सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है।
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शस्त्र पूजन से साहस और शक्ति की प्राप्ति होती है।
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विजयदशमी नए कार्य शुरू करने, वाहन या घर खरीदने के लिए शुभ मानी जाती है।
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रावण दहन समाज को अधर्म और अहंकार से दूर रहने का संदेश देता है।
दशहरा 2025 का पर्व
दशहरा 2025 का पर्व 2 अक्टूबर को पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाएगा। सही पूजा विधि और शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। यह त्यौहार हमें सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।