“कानपुर” का सूखा “कुआं” बना “आस्था” का केंद्र – “सर्प” के बाद निकला “गंगा जल”

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रिपोर्ट – मनीष भटनागर – कानपुर नगर 
 
Kanpur News – हिन्दू धर्म में आस्था का संगम बसा हुआ है। इसलिए कहा जाता है कि कण-कण में भगवान बसे हुए हैं, जो सिर्फ आस्था ही नहीं बल्कि वो कुम्भ है जिसमे हर कोई भक्त डुबकी लगाना चाहता है। कुछ ऐसा ही एक नजारा उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में देखने को मिला। जहां घाटमपुर में एक प्राचीन सूखे कुएं में अचानक पानी निकल आया, जिसको देखते ही चमत्कार मान लिया गया और कुछ ही देर में पूजा पाठ शुरू हो गया। ग्रामीणों का मानना था कि भगवान भोलेनाथ पर जल चढ़ाने के लिए स्वं गंगा मैया धरती पर प्रकट हो चुकी हैं। 
 
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आपको बताते चलें कि घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र का चौबेपुर गांव में स्थित एक प्राचीन सूखा कुआं है। जहां ग्रामीणों के अनुसार कुआं काफी समय से सूखा पड़ा हुआ था। बीते कुछ दिनों पहले कुएं में अचानक पानी आ जाता है। मामले की जानकारी होते ही ग्रामीणों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। धीरे-धीरे यह खबर आग की तरह फैलना शुरू हो गई। कुएं में तेजी के साथ पानी का आना साथ ही कुएं के अंदर काले सर्प का देखा जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। जिसे ग्रामीण ईश्वर का आशीर्वाद और चमत्कार बता रहे हैं। इतना ही नहीं ग्रामीणों के अनुसार कुएं से निकले पानी को पीने व लगाने मात्र से शारीरिक विकार भी दूर हो रहे है। साथ ही कुएं से निकले पानी को घर में ले जाने से धन की कमी नहीं होती है। जिसके चलते कुएं के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। जिसमें महिला पुरुष,बच्चे व बुजुर्ग भी शामिल है। वहीं श्रद्धालु कुएं के आस-पास बैठकर कुएं से पानी निकालने के दौरान पूजा अर्चना करते हुए अपनी मनोकामनाएं मांग रहे है। जिसके चलते श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए गांव में मेला लगना शुरू हो गया है।
 
कुछ ने कहा अंधविश्वास है 
 
वहीं इस मामले में पुलिस प्रशासन अभी तक अनजान है। जिसके चलते गांव में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से किसी भी प्रकार के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिस तरह से कुएं के आस-पास श्रद्धालु कुएं से पानी निकाल रहे है। लापरवाही के चलते कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। जिस तरफ किसी भी जिम्मेदार की निगाह नहीं पड़ रही है। अब देखने वाली बात यह है कि मामला संज्ञान में आने के दौरान जिम्मेदार क्या कार्रवाई करते । फिलहाल मामले को एक तरफ जहां कुछ ग्रामीण ईश्वर का चमत्कार बता रहे है, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ ग्रामीण इसे अंधविश्वास बता रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि चौबेपुर गांव का चर्चित कुआं जहां आस्था का केंद्र बना हुआ है वहीं ग्रामीण व श्रद्धालु आस्था व अंधविश्वास के भवर में फंसे हुए है। हालांकि यह जांच का विषय होगा।

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