जानिए धनतेरस के दिन कितने हजार करोड़ की खरीदारी कर डाले यूपी वाले, तोड़ दिया 10 साल का रिकॉर्ड
सोना-चांदी की चमक से दमके बाजार
धनतेरस पर सबसे अधिक आकर्षण सोना और चांदी की खरीदारी का रहा। राज्यभर के ज्वैलर्स ने बताया कि इस वर्ष लगभग 8000 करोड़ रुपये की बहुमूल्य धातुओं की बिक्री हुई। इसमें से करीब 6500 करोड़ रुपये का सोना और 1500 करोड़ रुपये की चांदी बिकी।
ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा और आगरा के बाजारों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं। लोग छोटे सिक्कों से लेकर भारी वजन के **गोल्ड बिस्किट, चेन और ब्रेसलेट तक खरीदते नजर आए।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी बंपर बिक्री
धनतेरस पर केवल सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिए। टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोबाइल और स्मार्ट गैजेट्स की भारी मांग रही। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक, 4000 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी हुई।
विक्रेताओं के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफार्म पर ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी। कई स्टोर्स पर “फेस्टिव ऑफर्स” और “नो-कॉस्ट ईएमआई” जैसी योजनाओं ने ग्राहकों को आकर्षित किया।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई रौनक
धनतेरस के दिन वाहन खरीदना शुभ माना जाता है, और इस वर्ष यह परंपरा रिकॉर्ड स्तर पर दिखी। राज्यभर में लगभग 25,000 दोपहिया वाहन और 3,000 चारपहिया वाहन बिके। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के अनुसार, केवल इस क्षेत्र में 1100 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई। लखनऊ और नोएडा के शोरूम में लंबी बुकिंग कतारें लगी रहीं। वहीं कानपुर और वाराणसी में कई ग्राहकों ने अपने **नए वाहनों की पूजा कर शुभारंभ किया।
रेडीमेड वस्त्र और गिफ्ट सेक्टर में बढ़ी रौनक
त्योहारों में सजना-संवरना और उपहार देना परंपरा का हिस्सा है। इस बार रेडीमेड गारमेंट्स, गिफ्ट आइटम्स, और सजावटी सामानों की भी जमकर खरीदारी हुई। अंदाजा 2200 करोड़ रुपये का कारोबार रेडीमेड बाजारों में दर्ज हुआ।
लखनऊ के हजरतगंज, चारबाग और अमीनाबाद, कानपुर के नयागंज, वाराणसी के विश्वनाथ गली, और नोएडा के सेक्टर-18 मार्केट में सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ नजर आई।
मिठाई और सजावटी सामानों का भी रहा जलवा
धनतेरस पर घरों में मिठाइयों की खरीदारी भी तेजी से बढ़ी। कई नामचीन दुकानों पर मिठाई खत्म होने तक ग्राहकों की कतारें लगी रहीं। इसके साथ ही दीये, झालर, तोरण और घर सजाने के उत्पादों की बिक्री ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। त्योहारी रौनक ने हर चेहरे पर मुस्कान और हर दुकान में उत्साह का माहौल बना दिया।
प्रमुख शहरों में दिनभर रही रौनक
राज्य के प्रमुख शहर — लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा, आगरा और गोरखपुर में बाजारों का नजारा देखने लायक था। कई बाजारों में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह तक नहीं थी।
आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है यह त्योहार
वाणिज्यिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष का धनतेरस त्योहार उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक रहा। महंगाई के बावजूद उपभोक्ता भावना मजबूत रही और बाजारों ने रिकवरी के साथ विकास का संकेत दिया। लगभग हर सेक्टर में पिछले वर्ष की तुलना में 30% से अधिक की वृद्धि देखी गई।