दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025: ABVP ने फिर दिखाया दम, अध्यक्ष बने आर्यन मान, जानें पूरा परिणाम
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में छात्र राजनीति का सबसे बड़ा पर्व कहे जाने वाले छात्र संघ चुनाव का नतीजा आ गया है। वर्ष 2025 में आयोजित 30वें छात्र संघ चुनाव में एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने शानदार जीत दर्ज कर अपना परचम लहराया।
अध्यक्ष पद पर ABVP के उम्मीदवार आर्यन मान ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की, वहीं उपाध्यक्ष पद पर NSUI के प्रत्याशी राहुल झांसला ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। चुनावी नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि छात्र राजनीति में ABVP का दबदबा अब भी कायम है।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत
अध्यक्ष पद पर आर्यन मान की जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है। उनकी जीत ने न केवल परिषद को मजबूती दी है, बल्कि समर्थकों का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर NSUI के उम्मीदवार राहुल झांसला ने जीत हासिल कर संतुलन बनाने का प्रयास किया।
हालांकि, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP ने कब्जा जमा लिया, जिससे संगठन ने छात्र संघ चुनाव के चार में से तीन प्रमुख पदों पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया।
मतदान प्रक्रिया रही व्यापक
इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यापक मतदान रहा। कुल 52 केंद्रों पर 195 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 36 कॉलेजों और विभागों में सुबह का मतदान सत्र सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला। वहीं, शेष 8 कॉलेजों में दोपहर 3 बजे से रात 7:30 बजे तक मतदान हुआ।
चुनाव में कुल 1,33,412 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब तक प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 52,635 मतों की गिनती की जा चुकी थी, जिसमें ABVP को स्पष्ट बढ़त मिली।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। DUSU के मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. राज किशोर शर्मा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के सफल रही।
सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कवरेज, ड्रोन निगरानी और बॉडी कैमरा पहने पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। परिसरों में सुरक्षा के लिए कुल 600 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद रहे। मतदान के बाद ईवीएम को विश्वविद्यालय खेल परिसर के बहुउद्देशीय हॉल में सुरक्षित रखा गया।
छात्र राजनीति में ABVP की पकड़
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव हमेशा से राष्ट्रीय राजनीति का आईना माना जाता है। ऐसे में इस बार की जीत ABVP के लिए बड़ी उपलब्धि है। अध्यक्ष और सचिव पद पर विजय से परिषद ने अपना मजबूत आधार फिर से साबित किया है।
इसके अलावा, यह चुनाव NSUI के लिए भी अहम रहा क्योंकि उपाध्यक्ष पद पर राहुल झांसला की जीत से संगठन ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इससे साफ है कि छात्र राजनीति में मुकाबला अभी पूरी तरह से एकतरफा नहीं हुआ है।