Delhi का ‘डर्टी बाबा’ चैतन्यानंद सरस्वती Agra से गिरफ्तार, छात्राओं के यौन उत्पीड़न और वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप
Delhi का ‘डर्टी बाबा’ चैतन्यानंद सरस्वती Agra से गिरफ्तार, एक सनसनीखेज खुलासा
दिल्ली के एक निजी संस्थान में छात्राओं के यौन उत्पीड़न और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को पुलिस ने रविवार तड़के आगरा के ताजगंज स्थित होटल ‘द फर्स्ट गोयल हॉटिलियर्स’ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने देर रात लगभग 3:30 बजे होटल के कमरे में उन्हें दबोचा, जहां वह ‘स्वामी पार्थ सारथी’ के नाम से ठहरे हुए थे।
Agra: गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर आरोप है कि उसने दिल्ली स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च में 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न किया। इनमें से कई छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की थीं। आरोपी ने छात्राओं को अश्लील संदेश भेजे, उन्हें शारीरिक संपर्क के लिए मजबूर किया, और विरोध करने पर संस्थान से निष्कासित करने की धमकी दी।
Agra: वित्तीय अनियमितताएं और अन्य आरोप
जांच में सामने आया कि स्वामी पर गबन और धोखाधड़ी के भी आरोप हैं। उसके ट्रस्ट से संबंधित बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स को फ्रीज किया गया है, जिनकी कुल राशि लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, उसके पास दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बरामद किए गए हैं, जो उसकी संदिग्ध गतिविधियों को और गंभीर बनाते हैं।
Agra: गिरफ्तारी के लिए होटल में मारा छापा
पुलिस की टीम ने आगरा में उसकी लोकेशन का पता चलने के बाद होटल में छापा मारा। होटल के रिसेप्शनिस्ट के अनुसार, सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी होटल पहुंचे और रजिस्टर चेक करने के बाद स्वामी के कमरे में गए। लगभग 15 मिनट तक पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली ले जाया गया बाबा
गिरफ्तारी के बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली लाया गया और हिरासत में लिया गया है। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जांच के तमाम पहलू
सीसीटीवी निगरानी: बाबा के पास छात्रावास के सभी सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड की पहुँच थी, जिससे वह छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था।
धमकियां और दबाव: छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्वामी ने धमकी दी थी कि अगर उन्होंने उसकी बात नहीं मानी तो उन्हें निलंबित या निष्कासित कर दिया जाएगा और उनके माता-पिता हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे।
फर्जी दस्तावेज: उसके पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए, जिनमें उसने खुद को संयुक्त राष्ट्र का एंबेसडर बताया था।
बाबा से जुड़े गंभीर खुलासे
चैतन्यानंद पर करोड़ों की जमीन हड़पने और ट्रस्ट के नाम पर संपत्ति कब्जाने के आरोप भी हैं। वह लंबे समय से आगरा में छिपा हुआ था और यहां उसका ठिकाना काफी छुपा हुआ था। दिल्ली पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर के बाद उसके काले करतूतों पर शिकंजा कसते हुए उसे दबोच लिया।
बरेली दंगा अपडेट ‘I Love Mohammad’ पर भड़के बवाल में अब तक क्या हुआ?