दिल्ली में आज से BS-VI से नीचे के वाहन किये गए बैन, जानिए अब सिर्फ कौन से वाहन ही कर सकेंगे एंट्री
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ने के कारण सरकार ने सख्त कदम उठाया है। राजधानी में आज से BS-VI मानक से नीचे के सभी कॉमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। अब केवल BS-VI, CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय दिल्ली के गंभीर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को देखते हुए लिया गया है, जो पिछले कई दिनों से “खराब” श्रेणी में बना हुआ है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार का बड़ा कदम
दिल्ली सरकार और पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) ने यह आदेश जारी किया है ताकि राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण स्तर पर नियंत्रण पाया जा सके।
इस निर्णय के तहत, अन्य राज्यों में पंजीकृत BS-III और BS-IV वाहनो की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वहीं दिल्ली में पंजीकृत BS-VI और वैकल्पिक ईंधन वाले वाहन ही सड़कों पर चल सकेंगे।
क्यों लिया गया यह निर्णय
दिल्ली एनसीआर में हर साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। इस दौरान पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक गतिविधियों के चलते हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है।
इस वर्ष भी, नवंबर की शुरुआत में ही दिल्ली का AQI 400 के पार पहुंच गया है, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। इसके चलते ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत यह कदम उठाया गया है।
सरकार का मानना है कि पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसलिए, BS-VI से नीचे के वाहनों पर रोक लगाकर प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
किन वाहनों पर लागू होगा प्रतिबंध
दिल्ली में लागू इस आदेश के अनुसार—
* BS-III और BS-IV डीजल वाहन: पूरी तरह प्रतिबंधित।
* BS-VI डीजल वाहन: केवल मानक उत्सर्जन सीमा का पालन करने पर अनुमति।
* CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): बिना किसी प्रतिबंध के प्रवेश कर सकते हैं।
* राज्य से बाहर के BS-IV वाहन: दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
हालांकि, परिवहन उद्योग को राहत देते हुए सरकार ने पहले यह अस्थायी अनुमति दी थी कि BS-IV वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक सीमित शर्तों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। लेकिन वर्तमान प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए यह छूट फिलहाल लागू नहीं है।
दिल्ली में मॉनिटरिंग और चालान की सख्ती
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए *ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर **टीमें तैनात** की गई हैं, जो पुराने वाहनों की जांच कर रही हैं।
इसके अलावा, वाहन पहचान प्रणाली (ANPR Cameras) की मदद से भी पुराने वाहनों की पहचान की जा रही है। अगर कोई BS-VI से नीचे का वाहन सड़कों पर चलता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, लेकिन इसे दीर्घकालिक नीति का हिस्सा बनाना होगा। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के अनुसार, BS-VI वाहनों से उत्सर्जन होने वाला प्रदूषण BS-IV वाहनों की तुलना में लगभग 80% कम होता है। इस कारण, BS-VI मानक को लागू करना प्रदूषण घटाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकार की अपील और जनता से सहयोग की मांग
दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पुराने वाहनों का उपयोग न करें और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का सहारा लें। साथ ही, जो वाहन मालिक BS-VI मानकों के अनुरूप वाहन नहीं रखते, वे वैकल्पिक ईंधन आधारित वाहनअपनाएं।
सरकार का मानना है कि जब तक जनता का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।