कहने को ‘Tiger Reserve’, लेकिन बाघ की हड्डियों के साथ तस्कर गिरफ्तार! क्या आज भी शिकारी खेल रहे शिकार?
टाइगर की हड्डी के मामले में एक और गिरफ्तार

जनपद पीलीभीत में पिछले दो दिन सेएसटीएफ और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम जीव जंतु के अंग की तस्करी के मामले में रात दिन लगी हुई थी। शनिवार को टीम ने लखीमपुर जनपद के रहने वाले अक्षय और रामचंद्र नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। जिनके पास से टाइगर की हड्डियां भी बरामद हुईं थीं।
रविवार को भी दोनों टीम आगे की कार्रवाई में जुटी रहीं। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से लखीमपुर के थाना मझगईं इलाके में कुठिया गांव जाकर छापा मारा। पुलिस ने कुठिया से यहीं के निवासी अनिल हिरासत में ले लिया।
मुखबिरों की सूचना पर दो आरोपियों को बाघ की हड्डियों सहित किया था गिरफ्तार

सूत्रों के मुताबिक अनिल ने ही अक्षय और रामचंद्र को बताया था कि जंगल में एक जगह हड्डी पड़ी हुई है इसके बाद अक्षय और रामचंद्र हड्डी को उठा लाए। दोनों बाघ की हड्डियों को बेचने की जुगत में लगे हुए थे। इसी बीच मुखबिरों से एसटीएफ को सूचना मिली कि दो लड़के बाघ की हड्डियों को बेचने के लिए माला इलाके में घूम रहे हैं।
एक आरोपी के परिवार वालों ने किया नया खुलासा
सूचना मिलते ही एसटीएफ ने वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ मौके पर पहुंचकर अक्षय और रामचंद्र को दबोच लिया। दोनों के पास से बाघ की हड्डियां भी बरामद हो गईं। पूछताछ में अक्षय के परिवार वालों ने पूरे मामले एक नया खुलासा कर दिया। जिससे पता चला कि लखीमपुर के अनिल नाम के व्यक्ति ने ही हड्डियों के जंगल में पड़े होने के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद टीम ने लखीमपुर के गांव कुठिया का रुख किया कर छापा मारकर अनिल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।