Bundelkhand Expressway accident: दरोगा सहित सिपाही की मौत
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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर खाकी की चीखपुकार: बोलेरो-ट्रैक्टर भिड़ंत में दरोगा और सिपाही की दर्दनाक मौत
बेहद दर्दनाक हादसा, जब कर्तव्य निभाते दो जवान हमेशा के लिए खामोश हो गए…
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से होकर गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बीती रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने न सिर्फ हरियाणा पुलिस बल को हिला कर रख दिया, बल्कि आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि रफ्तार और लापरवाही का अंजाम कितना भयानक हो सकता है। तेज रफ्तार बोलेरो के ट्रैक्टर-ट्रॉली से भीषण टकराव में हरियाणा पुलिस के एक दरोगा और एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना कहां और कब हुई?
यह दर्दनाक हादसा हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र में स्थित बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पिलर नंबर 127 के पास बीती रात हुआ। उस वक्त चार पुलिसकर्मी हरियाणा से छत्तीसगढ़ की ओर “दबिश” डालने (शायद किसी विशेष ड्यूटी पर) जा रहे थे।
बोलेरो और ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर में उजड़ गया परिवार
बोलेरो वाहन जिसमें चारों पुलिसकर्मी सवार थे, गिट्टी लादकर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। अंदर बैठे पुलिसकर्मी बुरी तरह फंस गए।
हादसे में जिनकी मौत हुई:
संजय कुमार (45 वर्ष) – दरोगा, पुत्र करतार सिंह, निवासी तुम्बाहेड़ी, जिला झज्जर, हरियाणा
अमित (25 वर्ष) – कांस्टेबल, पुत्र खजान सिंह, निवासी सीताराम गेट, झज्जर, हरियाणा
गंभीर रूप से घायल:
इंद्रजीत (50 वर्ष) – दरोगा
राजेश (41 वर्ष) – हेड कांस्टेबल, पुत्र सहजराम
तत्काल राहत और पुलिस प्रशासन की भूमिका
घटना की जानकारी मिलते ही यूपीडा की एंबुलेंस टीम और राठ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सीएचसी राठ पहुंचाया गया। वहीं मृतक पुलिसकर्मियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
वीडियो वायरल – सोशल मीडिया पर घटना की सनसनी
स्थानीय लोगों ने इस हादसे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो की हालत देख हर कोई सिहर उठा। लोगों ने हादसे को लेकर प्रशासन से सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर सख्ती की मांग की है।
हादसे की संभावित वजहें
तेज रफ्तार बोलेरो
अंधेरा और स्पीड कंट्रोल की कमी
ट्रैक्टर-ट्रॉली का अचानक रास्ते में आ जाना
सड़क पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर्स या सिग्नल की कमी
कर्तव्यपथ पर शहीद हुए जवान
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि कर्तव्यपालन कर रहे दो पुलिसकर्मियों की शहादत की कहानी है। एक दरोगा जो अपने अनुभव और सीनियरिटी के बल पर कई केस सुलझा चुका था, और एक युवा सिपाही, जिसने हाल ही में पुलिस की नौकरी पाई थी—दोनों ही अब घर नहीं लौटेंगे। यह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पुलिस महकमे के लिए अपूरणीय क्षति है।
सावधानी ही सुरक्षा है
सड़क पर तेज रफ्तार, भारी वाहन, और सतर्कता की कमी – ये तीन चीजें मिलकर कब किसकी जान ले लें, कोई नहीं जानता। प्रशासन और जनता दोनों की जिम्मेदारी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूसरों की जान को भी खतरे में न डालें।
क्या कहता है प्रशासन?
फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस टीम जांच में जुटी है। ट्रैक्टर ट्रॉली के मालिक और ड्राइवर की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कर्तव्य की राह पर चलना आसान नहीं होता, कुछ कदम जान लेकर भी चलते हैं, पर वो कदम इतिहास बना जाते हैं.
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