बदायूं: सब्जी में मिला चूहा, युवक ने तीन दिन से नहीं खाया खाना – विभाग बना मूकदर्शक
बदायूं में होटल की लापरवाही: पनीर की सब्जी में मिला चूहा,युवक ने तीन दिन से नहीं खाया खाना – विभाग बना मूकदर्शक
बदायूं जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर दिया है। खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट और गंदगी की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद घिनौना और हैरान करने वाला है। बिल्सी थाना क्षेत्र के मंडी समिति के पास स्थित मुस्कान ढाबा में एक युवक को पनीर की सब्जी परोसी गई, लेकिन जैसे ही युवक खाने बैठा, उसके मन को झकझोर देने वाली हकीकत सामने आ गई। प्लेट में पनीर के साथ एक मरा हुआ चूहा निकला।
बदायूं:मरे चूहे का दृश्य देख युवक ने तीन दिन से नहीं खाया है खाना
युवक का कहना है कि इस घटना के बाद उसका मनोबल इतना टूट गया कि उसने पिछले तीन दिनों से खाना ही नहीं खाया। प्लेट में परोसे गए चूहे ने उसके मन पर इतना गहरा असर छोड़ा कि अब हर थाली में उसे वही दृश्य बार-बार दिखाई देता है। युवक का दर्द यह है कि जिस भरोसे से वह होटल और ढाबों पर भोजन करता था, वही भरोसा अब चकनाचूर हो चुका है।
बदायूं:वायरल हुआ वीडियो, फिर भी विभाग खामोश
युवक ने मौके पर ही इस घिनौनी हरकत का वीडियो बनाया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आम जनता में गुस्सा भड़क उठा। लोगों का कहना है कि यह न सिर्फ खाने-पीने की स्वच्छता से जुड़ा मामला है, बल्कि सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बाद भी खाद्य विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही नहीं, विभाग की चुप्पी ने लोगों के बीच इस बात को और पुख्ता कर दिया कि यहां मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों को खुली छूट मिल रही है।
बदायूं:पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली बार नहीं है जब बदायूं में खाने-पीने की चीजों में गंदगी का मामला सामने आया हो। कुछ साल पहले भी शहर के एक होटल में चाप खाने गए युवक की थाली में चूहा परोस दिया गया था। हाल ही में रक्षाबंधन के त्यौहार पर शहर की एक मिठाई की दुकान में कीड़े मिले थे। तब भी खाद्य विभाग ने मामले को दबा दिया था। बार-बार की घटनाओं से साफ है कि प्रशासन और विभाग की मिलीभगत से ही इस तरह की लापरवाही पर पर्दा डाला जाता रहा है।
जनाक्रोश और सवाल
स्थानीय लोग कहते हैं कि हर बार जब कोई घटना होती है तो अधिकारियों के बयान आते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल कागज़ी खानापूर्ति होती है। ढाबों और मिठाई की दुकानों पर लाखों लोग रोज़ाना भोजन और मिठाई खाते हैं, लेकिन उनकी सेहत की सुरक्षा करने वाला विभाग ही गहरी नींद में सो रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक बदायूं की जनता इस तरह की शर्मनाक घटनाओं का शिकार होती रहेगी?
बदायूं:जिम्मेदारी से भागता विभाग
खाद्य विभाग की चुप्पी इस पूरे मामले को और गंभीर बना देती है। कानून और नियम तो साफ-साफ कहते हैं कि मिलावट या अस्वच्छ भोजन परोसने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जब जनता को ज़हर परोसा जा रहा हो और विभाग मौन साधे बैठे, तो यह लापरवाही नहीं बल्कि जनता की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ है।