Bareilly: आवारा कुत्तों का कहर, मासूम बच्ची पर हमला-सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा बड़ा सवाल
Bareilly: आवारा कुत्ते ने बच्ची पर किया हमला, पढ़िए स्थानीय लोगों की नाराजगी से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक की पूरी कहानी
Bareilly: आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से दहशत
बरेली शहर में आवारा कुत्तों का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इन कुत्तों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। मोहल्लों और गलियों में टोलियों के रूप में घूम रहे ये कुत्ते न केवल बच्चों बल्कि बुजुर्गों और राहगीरों के लिए भी खतरा बन गए हैं।
Bareilly: 6 वर्षीय मासूम आयत नूरी पर हमला
थाना बारादरी क्षेत्र के चक मेहमूद, नवाब साहब की कोठी के पास रहने वाले मोहम्मद साजिद की 6 वर्षीय बेटी आयत नूरी अपने घर के पास खेल रही थी। खेल के दौरान अचानक वह गिर गई और पास में खड़े एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।
कुत्ते के हमले में आयत नूरी घायल हो गई, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्ची के चेहरे और पैरों पर खरोंच के निशान और काटने के घाव पाए गए।
Bareilly: स्थानीय लोगों की नाराजगी और मांग
घटना के बाद से मोहल्ले में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और प्रशासन को आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द इन कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।
सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर अहम फैसला
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों को मारना गैरकानूनी है और उन्हें उनके प्राकृतिक स्थान से हटाने से पहले वैक्सीन और नसबंदी जैसी प्रक्रियाएं अपनानी होंगी। साथ ही, स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और कुत्तों के हमलों को रोके।
बरेली की यह घटना इस फैसले के संदर्भ में एक अहम सवाल खड़ा करती है—जब सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है, तो फिर प्रशासनिक लापरवाही क्यों जारी है?
Bareilly: आज इस मामले में क्या हुआ?
हमले के बाद आयत नूरी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों ने उसके घावों का प्राथमिक उपचार कर दिया है। वहीं, मोहल्ले के लोगों ने आज प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें कुत्तों की समस्या पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या यह कदम एक और मासूम पर हमले से पहले उठाया जाएगा?