बरेली दंगा अपडेट ‘I Love Mohammad’ पर भड़के बवाल में अब तक क्या हुआ?
बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ से भड़का बवाल: SSP का बड़ा बयान, 10 FIR दर्ज, 39 हिरासत में, तौकीर रज़ा समेत 8 आरोपी जेल भेजे गए
बरेली। ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े दंगे का रूप ले चुका है। शहर की सड़कों पर उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी, लेकिन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बरेली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। SSP बरेली ने प्रेस वार्ता में पूरी घटना का अपडेट देते हुए बताया कि अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज, 39 लोग हिरासत में लिए गए और 8 मुख्य उपद्रवी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए हैं।
इन थानों में दर्ज हुई 10 एफआईआर
थाना कोतवाली में 5 एफआईआर
थाना वारदारी में 2 एफआईआर
थाना किला, प्रेमनगर और कैंट में 1-1 एफआईआर
सबसे बड़ी प्रमुख एफआईआर (संख्या 489/25) कोतवाली में दर्ज की गई है।
पुलिस पर पथराव और हिंसा का तांडव
खलील चौराहे पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की टीम भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर इस्लामिया कॉलेज और बरेली की सड़कों पर आतंक मचाया।
पुलिस पर पथराव किया गया
गाड़ियों को तोड़ा गया
जूते-चप्पल, खोखे, ईंट-पत्थर और जिंदा कारतूस बरामद हुए
315 बोर और 12 बोर का तमंचा बरामद किया गया
अवैध चाकू, लाठी-डंडे और पेट्रोल भरी कांच की बोतलें जब्त हुईं
इस हिंसा में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए और 2 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
तौकीर रज़ा समेत 8 आरोपी जेल में
हिंसा फैलाने और भीड़ को भड़काने के आरोप में पुलिस ने जिन 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनमें प्रमुख नाम हैं—
मौलाना तौकीर रज़ा
सरफराज
मनिफुद्दीन
अजीम अहमद
मोहम्मद नईम
अमित
जाहिद
मोहम्मद सरफराज
इन सभी को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी से होगी पहचान
पुलिस ने बताया कि अब तक 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें कौन उकसा रहा था और वे किसके संपर्क में थे।
साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इंटेलिजेंस से उन सभी चेहरों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उपद्रव में भूमिका निभाई।
तौकीर रज़ा के पुराने इतिहास की जांच
पुलिस ने साफ किया कि मौलाना तौकीर रज़ा के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। जिन लोगों ने पहले दिन ही उपद्रव भड़काने के लिए पत्र लिखे थे और भीड़ इकट्ठा करने का काम किया था, उन सभी को मुकदमे में शामिल कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 1700 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
सरकार का साफ संदेश – अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। SSP ने कहा कि यह घटना सरकार की अपराध के पार्टी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। जो लोग अपराध और उपद्रव को बढ़ावा देंगे, चाहे उनका नाम कितना भी बड़ा हो, कानून उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ेगा नहीं।
I Love Mohammad’ विवाद की कहाँ से हुई शुरुआत, बरेली में वबाल, विस्तृत विश्लेषण