Barabanki: बस पर गिरा पेड़, 5 की मौके पर मौत — घायल तड़पते रहे, लोग वीडियो बनाते रहे

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Barabanki: पेड़ बस पर गिरा। 5 यात्रियों की मौके मौत और कई गंभीर रूप से घायल। चौंकाने वाली बात घायल तड़पते रहे और लोग वीडियो बनाते रहे। पुलिस पर उठे सवाल।

बाराबंकी की सड़क पर मौत का मंजर: एक हादसा, जिसने कई घर उजाड़ दिए

Barabanki: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शुक्रवार को एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने देखते ही देखते पाँच जिंदगियों को लील लिया और कई परिवारों को हमेशा के लिए दर्द दे गया। सरकारी ड्यूटी निभाने जा रहीं महिलाएं, मासूम यात्रियों से भरी बस और एक अनचाही टक्कर—इन सबके बीच बेबस इंसानों की चीखें सड़क पर गूंज उठीं। हादसे के वीडियो ने इंसानियत को भी कटघरे में खड़ा कर दिया, जब घायल महिला मदद की भीख मांग रही थी और कोई उसका वीडियो बनाने में मशगूल था।

Barabanki: जानवर को बचाने की कोशिश में हुआ बड़ा हादसा

यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है, जब बाराबंकी डिपो की रोडवेज बस करीब 60 यात्रियों को लेकर हैदरगढ़ की ओर जा रही थी। बताया गया कि हरख चौराहे के पास अचानक एक जानवर बस के सामने आ गया। ड्राइवर ने उसे बचाने के लिए बस को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार में बस पहले सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकराई।

खंभा गिरने से बस का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और बस बाईं तरफ मौजूद एक बड़े पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पेड़ का ऊपरी हिस्सा बस की छत पर गिर पड़ा। एक ही पल में बस की छत पूरी तरह पिचक गई और उसमें बैठे कई यात्री दब गए।

Barabanki: चीख-पुकार और बर्बादी का मंजर

हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। बस में बैठे लोग अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहे थे। कुछ लोग किसी तरह खिड़कियों से बाहर निकले। सड़क पर गुजर रहे लोग दौड़े, लेकिन मलबा और बस की हालत देखकर किसी को समझ नहीं आ रहा था कि कहां से बचाव शुरू करें।

इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें बस के अंदर फंसी एक महिला ने वीडियो बना रहे युवक को फटकार लगाते हुए कहा,
“हम मर रहे हैं और तुम वीडियो बना रहे हो! आकर पेड़ की डाल हटवाते तो हम बाहर निकल आते…”
इस एक वाक्य ने हादसे के दर्द और इंसानियत की कमी दोनों को सामने ला दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन चला डेढ़ घंटा

मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू कराया। जेसीबी और बुलडोजर मंगवाया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को हटाकर यात्रियों को निकाला गया। घायल लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि पेड़ इतना भारी था कि पूरी बस की छत लोहे की चादर की तरह दब गई। अंदर फंसे यात्रियों को निकालने में भी बहुत मुश्किलें आईं। हादसे में मृत पांच लोगों की पहचान भी मौके पर ही हो गई थी।

Barabanki: मृतकों की पहचान और उनकी जिम्मेदारियां

मरने वालों में चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे।

शिक्षा मल्होत्रा (टीचर) – जो बाराबंकी में ही पढ़ाने का काम करती थीं।

मीना श्रीवास्तव (सहायक विकास अधिकारी – वेलफेयर) – हरख ब्लॉक में तैनात थीं और अपने कार्यालय कार्य से जा रही थीं।

जूही सक्सेना (सहायक विकास अधिकारी – सांख्यिकी) – हरख ब्लॉक की ही अधिकारी थीं।

रकीबुल निशा (55 वर्षीय महिला यात्री) – जो अपने परिवार के काम से सफर कर रही थीं।

संतोष सोनी (38 वर्षीय बस चालक) – जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घायल यात्रियों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। एक महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

CCTV में कैद हुए हादसे के पल

बस के खंभे और पेड़ से टकराने की पूरी घटना सड़क किनारे लगे CCTV कैमरे में कैद हुई। फुटेज में साफ दिखा कि कैसे तेज रफ्तार बस पहले पोल से भिड़ी और फिर पेड़ गिरा। प्रशासन ने फुटेज को जब्त कर जांच में शामिल कर लिया है।

प्रशासन और जनता में आक्रोश

इस हादसे के बाद प्रशासनिक अमला सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे लंबे समय से झुके पेड़ की कटिंग की मांग की जा रही थी। अगर समय रहते ध्यान दिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी अनहोनी न होती।

दूसरी ओर, घायल यात्रियों और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं भी उमड़ पड़ी हैं। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है और जांच का आदेश दिया गया है।

मदद के बजाय वीडियो बनाने की संवेदनहीनता

इस हादसे से जुड़े वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि आखिर लोगों की प्राथमिकता क्या हो गई है? मदद के बजाय वीडियो बनाने की प्रवृत्ति ने कई सवाल खड़े किए हैं। हादसे में फंसी महिला की आवाज ने सबका दिल चीर दिया—उसकी नाराजगी, दर्द और बेबसी हर किसी ने सुनी।

सरकारी बसों में सुरक्षा के सवाल

यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि सड़क सुरक्षा के मानक कितने कमजोर हैं। न सिर्फ ओवरस्पीड बल्कि सड़क किनारे की लापरवाहियां, बिजली के पोल की स्थिति और पेड़ की देखरेख में भी भारी लापरवाही सामने आई। अब यह जांच का विषय होगा कि ड्राइवर ने अचानक मोड़ने का फैसला क्यों लिया, और क्या बस में कोई तकनीकी खराबी भी थी।

अंतिम संदेश

बाराबंकी के इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिन महिलाओं ने समाज के विकास की जिम्मेदारी संभाली थी, उनकी मौत ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर हम कब तक लापरवाहियों की कीमत इंसानी जानों से चुकाते रहेंगे।

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