बलरामपुर: सपा नेता के अस्पताल के ICU में महिला से दुष्कर्म, CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

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बलरामपुर: सपा नेता के निजी अस्पताल में ICU में महिला से दुष्कर्म, CCTV फुटेज ने खोली पोल। आरोपी गिरफ्तार, जनता में आक्रोश। पूरी खबर पढ़ें।

बलरामपुर: महिला का इलाज करते काल्पनिक तस्वीर

बलरामपुर के ICU में इंसानियत शर्मसार – इलाज के नाम पर कम्पाउंडर ने की रातभर दरिंदगी, CCTV ने खोली पोल

25 जुलाई 2025 की रात, बलरामपुर जिले के पचपेड़वा क्षेत्र का एक निजी अस्पताल, जो इलाज और भरोसे का नाम होना चाहिए था, इंसानियत को तार-तार करने वाली वारदात का गवाह बन गया। ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती एक महिला के साथ, उसी अस्पताल के कंपाउंडर ने इलाज के नाम पर न केवल उसका भरोसा तोड़ा, बल्कि बेहोशी की हालत में दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध कर डाला। CCTV फुटेज ने इस हैवानियत की पूरी सच्चाई सामने ला दी, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।

महिला का इलाज कराने पहुँचना – भरोसे की शुरुआत

25 जुलाई की रात, बलरामपुर जिले के पचपेड़वा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला सीने में तेज़ दर्द की शिकायत लेकर अपने पति के साथ विमला विक्रम हॉस्पिटल (जो समाजवादी पार्टी के नेता का निजी अस्पताल है) पहुँची। डॉक्टरों ने महिला की हालत देखते हुए उसे ICU में भर्ती कर लिया ताकि तुरंत जांच और इलाज हो सके।

रात की ड्यूटी और कंपाउंडर की घिनौनी हरक़त 

ICU की देखरेख में तैनात कंपाउंडर योगेश पांडे ने इलाज का भरोसा दिलाते हुए महिला को एक इंजेक्शन लगाया, जिससे वह धीरे-धीरे बेहोश हो गई। उसी बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर उसने ICU के बेड पर महिला के साथ दुष्कर्म किया। यह वारदात अस्पताल की चारदीवारी के भीतर, भरोसे की आड़ में अंजाम दी गई।

CCTV कैमरे में कैद हैवानियत की पूरी कहानी

ICU में लगे CCTV कैमरे ने इस पूरी दरिंदगी को कैद कर लिया। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि कंपाउंडर ने इंजेक्शन देकर महिला को बेहोश किया और फिर ICU के अंदर उसके साथ अश्लील हरकत और दुष्कर्म किया। यही फुटेज बाद में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बना।

महिला का होश आना और पुलिस तक पहुँची शिकायत

बेहोशी से होश आने पर महिला ने अजीब दर्द और तबीयत बिगड़ने की शिकायत की। उसने अपने पति और अस्पताल स्टाफ को बताया, जिसके बाद उसके पति ने तुरंत पुलिस और अस्पताल प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई – आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने CCTV फुटेज, महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कंपाउंडर योगेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ दुष्कर्म (IPC 376) और महिला की सुरक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर बृजनंदन राय ने स्पष्ट कहा कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

अस्पताल और प्रबंधन पर उठे गंभीर  सवाल

अस्पताल के मालिक, जो समाजवादी पार्टी के नेता हैं, उनसे भी पुलिस ने पूछताछ की। प्रशासन ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की लापरवाही और CCTV रिकॉर्ड्स को कब्जे में लिया।
पीड़िता का परिवार अस्पताल प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मांग कर रहा है कि सिर्फ आरोपी नहीं, बल्कि अस्पताल प्रबंधन को भी कठोर सजा मिले।

जनता में आक्रोश – सड़कों पर प्रदर्शन

27 जुलाई को यह खबर सामने आते ही बलरामपुर और आसपास के इलाकों में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोग जमा होकर आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग करने लगे।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला ट्रेंड बन गया, लोग महिला की सुरक्षा और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।

 भरोसे के केंद्रों में छिपी हैवानियत 

यह वारदात सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे समाज के भरोसे पर हमला है। इलाज और सुरक्षा के नाम पर बने अस्पतालों में भी दरिंदे छिपे हो सकते हैं।
25 जुलाई की वह रात बलरामपुर की उस महिला के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और CCTV सबूतों ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
जनता की अब यही मांग है कि आरोपी कंपाउंडर के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन को भी सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई और महिला ICU में इलाज के दौरान ऐसी भयावह सच्चाई का शिकार न बने।

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