पाखंडी मुल्ला की Social Media पोस्ट ने हिन्दुओं के दिलों को झकझोरकर दिया, देखिये वॉयरल वीडियो
बिसवां में Social Media विवाद: आपत्तिजनक वीडियो से हिंदू समाज में खलबली, पुलिस मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा
बिसवां, उत्तर प्रदेश – एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय हिंदू समाज के दिलों को झकझोर दिया। मोहल्ला मियागंज, बिसवां का निवासी शाहवाज हुसैन कादरी ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कथित तौर पर हिंदू समाज को अपमानित करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की खुली कोशिश की गई।
इस वीडियो में धमकियाँ भी शामिल थीं, जिससे यह साफ है कि पोस्ट का उद्देश्य केवल विवाद खड़ा करना और समुदाय के बीच तनाव फैलाना था। यह मामला सामने आते ही हिंदूवादी संगठनों में हड़कंप मच गया।
Social Media: सांप्रदायिक तनाव फैलाने की खुली साजिश
शाहवाज हुसैन कादरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसा वीडियो पोस्ट किया, जिसमें हिंदू समाज को अपमानित करने के स्पष्ट संकेत थे। वीडियो में न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया गया, बल्कि जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। इस प्रकार की पोस्ट स्पष्ट रूप से सामाजिक सौहार्द भंग करने और तनाव फैलाने की नियत से की गई हैं।
हिंदू संगठनों में आक्रोश और निर्णायक प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय बजरंग दल और विहिप के नेताओं ने इस घटना को गंभीर रूप से लिया। विहिप के प्रेमशंकर बाजपेई और जिला मंत्री ललित दीक्षित ने तुरंत बिसवां कोतवाली पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई। स्थानीय और जिला स्तर पर हिन्दू संगठन सक्रिय होकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे।
विहिप के जिला सह मंत्री आयुष मिश्रा, धर्म प्रसार प्रमुख, नगर अध्यक्ष प्रेमशंकर बाजपेई, राहुल गौरक्षक, वांछित शर्मा और रोहित सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर सामाजिक आक्रोश जताया और कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
Social Media: आरोपी की पहचान और संदिग्ध पृष्ठभूमि
आरोपी शाहवाज हुसैन कादरी, मोहल्ला मियागंज, बिसवां का निवासी है। आरोप है कि वह केवल सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा करने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि देश विरोधी गतिविधियों और अत्यधिक संपत्तियों के स्वामी होने का दावा भी उसके खिलाफ किया गया है। यह मामला साबित करता है कि किस प्रकार सामाजिक सुरक्षा और कानून का उल्लंघन करने वाले तत्व ऑनलाइन माध्यमों का दुरुपयोग कर सकते हैं।
पुलिस और प्रशासन की सख्त कार्रवाई
आयुष मिश्रा की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। यह कार्रवाई न केवल समुदाय के लिए सुरक्षा का संकेत है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश देती है कि सांप्रदायिक उकसावे और सामाजिक शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक चेतावनी और भविष्य की भूमिका
यह घटना सिर्फ बिसवां तक सीमित नहीं है। यह पूरे देश में यह संदेश देती है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का परिणाम गंभीर कानूनी कार्रवाई है। हिन्दू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए तत्परता और जीरो टॉलरेंस नीति की आवश्यकता कितनी अहम है।
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