बहराइच में आसमानी आफत: मवेशी चराने गए दो किसानों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत
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बहराइच में बरसात के मौसम में आसमान से गिरी आफत ने जिले में दो परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। खेतों में मवेशी चराने गए किसान तेज़ बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर उसके नीचे बैठ गए, लेकिन यह छाता उनके लिए मौत का साया बन गया। अचानक गिरी आकाशीय बिजली ने दोनों किसानों की जान ले ली। घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ हादसा
जरवलरोड थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर खुर्द धनराजपुर निवासी पेशकार (45 वर्ष) और राम सूरत उर्फ भल्लर (50 वर्ष) गांव के अन्य लोगों के साथ मवेशी चराने के लिए नदी किनारे गए थे। मौसम अचानक बिगड़ गया और घनघोर बारिश शुरू हो गई। भीगने से बचने के लिए दोनों किसानों ने एक ही छाते के नीचे शरण ली।
तभी आसमान में गरज, चमक और कड़क के साथ गिरी बिजली सीधे उनके ऊपर आ गिरी। दोनों किसानों को मौके पर ही मौत हो गई।
गांव में मातम का माहौल
जैसे ही किसानों की मौत की खबर गांव पहुँची, मातम छा गया। दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने रो-रोकर ग्रामीणों को भी गमगीन कर दिया। गांव के लोग इस दर्दनाक हादसे को देखकर सहमे हुए हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और आश्वासन
घटना की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आकाशीय बिजली से बचाव की सलाह
बरसात के मौसम में हर साल इस तरह की घटनाएँ सामने आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार
बारिश और गरज-चमक के समय पेड़ों या छाते के नीचे खड़ा होना खतरनाक होता है।
खुले मैदान, खेत या नदी किनारे बिजली गिरने की सबसे अधिक संभावना रहती है।
ऐसे समय में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान या पक्के मकान में शरण लेनी चाहिए।
बहराइच की यह घटना आसमान से गिरी उस आफत की याद दिलाती है जो हर साल कई मासूम जिंदगियाँ छीन लेती है। प्रशासन ने राहत का आश्वासन तो दिया है, लेकिन असली ज़रूरत है लोगों को जनजागरूक करने की, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से भविष्य में बचाव किया जा सके।