Baghpat में रहस्मयी कांड: श्मशान से गायब हो रहीं चिता की अस्थियाँ
Baghpat में श्मशान का रहस्य, गायब हो रहीं चिता की अस्थियाँ, गांव में फैल रहा डर और दहशत
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिम्मतपुर सुजती गांव से एक बेहद सनसनीखेज और रहस्यमयी खबर सामने आई है। यहां का श्मशान घाट अब केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं रह गया, बल्कि रहस्यमयी घटनाओं का केंद्र बन चुका है। ग्रामीणों का दावा है कि अंतिम संस्कार के बाद चिता की अस्थियाँ अचानक गायब हो रही हैं। कभी अधजली लकड़ियाँ, जलते हुए दीपक, और तंत्र-मंत्र से जुड़े अजीब सामान मिलते हैं, तो कभी कुछ भी नहीं मिलता। आठ महीने से लगातार घट रही इस घटना ने पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल बना दिया है।
अजीबोगरीब घटनाओं का सिलसिला
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब परिवार अस्थियों को विसर्जित करने श्मशान घाट पहुँचते हैं, तो उन्हें अक्सर यह एहसास होता है कि चिता की राख और हड्डियाँ गायब हैं। कई बार वहां अधजली लकड़ियाँ, जलता हुआ दीपक और अजीब तांत्रिक सामग्री देखी गई। यह सब देखकर ग्रामीणों का शक गहराया है कि कोई रात के अंधेरे में श्मशान आकर अस्थियों का उपयोग काले जादू या तंत्र-मंत्र के लिए कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रात में श्मशान की पहरेदारी करने के बावजूद अस्थियाँ गायब हो जाती हैं। इस रहस्य ने गांववासियों को इतना परेशान कर दिया है कि कई लोग श्मशान पर दिन-रात पहरा देने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का डर और विरोध
स्थानीय लोग इस घटना को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है कि अस्थियों का उठना न केवल उनके परिवार की श्रद्धा का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके मनोबल और आस्था को भी हिला रहा है। कई ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे सामूहिक रूप से श्मशान की सुरक्षा और अस्थियों की रखवाली करेंगे।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने मामला गंभीरता से लिया है और प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके पर निरीक्षण किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। ग्रामीण चाहते हैं कि पुलिस मामले में तेजी से और पारदर्शी कार्रवाई करे, ताकि भय और अंधविश्वास खत्म हो सके।
संभावित कारण और कयास
तांत्रिक क्रियाएँ: ग्रामीणों का मानना है कि कुछ लोग काले जादू और तंत्र-मंत्र के लिए अस्थियाँ उठा रहे हैं।
चोरी या अन्य कारण: कुछ लोगों का शक है कि अस्थियों को किसी निजी उद्देश्य या विवाद के लिए उठाया जा रहा है।
सामाजिक तनाव: इसके पीछे परिवारिक या सामाजिक कलह की संभावना भी बताई जा रही है।
ध्यान दें कि ऊपर बताए गए कारण केवल ग्रामीणों की मान्यताएँ और कयास हैं, फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा और चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान पर निगरानी बढ़ाने और अस्थियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्मशान जैसी पवित्र जगहों पर अंधविश्वास और अफवाह फैलने से सामाजिक भय बढ़ सकता है, इसलिए जरूरी है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे।
बागपत के हिम्मतपुर सुजती इलाके की यह रहस्यमयी घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह धार्मिक आस्थाओं और मानवीय संवेदनाओं पर भी सवाल खड़ा करती है। श्मशान से अस्थियों का गायब होना लोगों में भय, अंधविश्वास और गुस्सा पैदा कर रहा है। जल्द और पारदर्शी जांच के बिना इस रहस्य का खुलासा नहीं हो पाएगा।
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