36 बिरादरियों के खाप मुखियों सहित Baghpat DM की मौजूदगी में एक ऐसा फैसला जो काबिले तारीफ है
खाप पंचायत और Baghpat DM ने तो कह दिया ‘अब और नहीं’ — शराब बांटने वाले प्रत्याशी बहिष्कार के कगार पर, ब्रह्मभोज और दिखावे की कुप्रथाओं पर पूरी तरह रोक!”
जिला बागपत में हुई सर्वखाप पंचायत ने समाज सुधार के एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी। 36 बिरादरियों के खाप मुखियों की मौजूदगी और डीएम अस्मिता लाल की निगरानी में यह पंचायत महिला सुरक्षा, ऑनर किलिंग की रोकथाम, मृत्युभोज पर प्रतिबंध और शराब बांटने वाले प्रत्याशियों के बहिष्कार जैसे मुद्दों पर ऐतिहासिक फैसले लेकर उभरी।
36 खाप मुखियों की भागीदारी और डीएम की मौजूदगी
इस सर्वखाप पंचायत में जिले की डीएम अस्मिता लाल भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयासों से जिला प्रशासन के मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती मिलेगी।
पंचायत में शामिल खाप मुखियों ने समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं और उनकी सुरक्षा के लिए मिलकर रणनीति बनाई।
महिला सुरक्षा और ऑनर किलिंग पर कड़ा रुख
पंचायत ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा अब किसी समझौते या दिखावे पर निर्भर नहीं होगी। ऑनर किलिंग और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को समाज में जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
शराब बांटने वाले प्रत्याशी का सामाजिक बहिष्कार
पंचायत ने ऐतिहासिक फैसला लिया कि पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले किसी भी प्रत्याशी को समाज बहिष्कार करेगा।
यह निर्णय केवल चेतावनी नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि अब जनता अपनी मर्यादा और स्वाभिमान के लिए खड़ी है। जो वोट के नाम पर शराब और लालच देंगे, उन्हें समाज ने नकारने का संकल्प ले लिया है।
ब्राह्म भोज और दहेज प्रथाओं पर रोक
पंचायत ने मृत्युभोज जैसी दिखावे की परंपराओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। इसका मतलब है कि अब समाज में भ्रष्टाचार, दिखावा और अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगेगा। यह कदम विशेष रूप से गरीब और समाज के कमजोर वर्गों के हित में उठाया गया है।
समाज सुधार की दिशा में बड़ी पहल
चौधरी संजीव (देशखाप प्रतिनिधि) ने कहा:
“यह पंचायत समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब शराब और दिखावे के नाम पर वोट नहीं बिकेंगे। हम बेटियों और युवाओं के लिए एक नया समाज बनाना चाहते हैं।”
चौधरी यशपाल सिंह (थांबा चौधरी) ने कहा:
“आज का फैसला समाज में जागरूकता और अनुशासन लाएगा। खापें अब बदलाव की अगुवाई करेंगी। यह असली समाज सेवा है।”
डीएम अस्मिता लाल की सराहना
अस्मिता लाल (डीएम, बागपत) ने कहा:
“मैं यहाँ DM के रूप में नहीं, बल्कि समाज की सदस्य के रूप में आई हूँ। महिला सुरक्षा, ऑनर किलिंग और कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। प्रशासन हर संभव सहयोग देगा, ताकि मिशन शक्ति और महिला सशक्तिकरण का संदेश गाँव-गाँव तक पहुँचे।”
बागपत की इस सर्वखाप पंचायत ने यह साबित कर दिया कि सामाजिक मर्यादा और सुधार के लिए अब किसी भी दिखावे या लालच की गुंजाइश नहीं। शराब बांटने वाले प्रत्याशी, मृत्युभोज, दहेज जैसी प्रथाएँ अब समाज की नजरों में पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।