Azamgarh-Pratapgarh: समाज कल्याण अधिकारी ने की आत्महत्या, पारिवारिक रिश्तों की नाजुकता की दर्दनाक कहानी
Azamgarh-Pratapgarh: आज़मगढ़ के अधिकारी की आत्महत्या, पारिवारिक रिश्तों की मजबूती और नाजुकता की दर्दनाक कहानी
परिवार हर इंसान की ताक़त भी होता है और कभी-कभी उसकी कमजोरी भी। रिश्तों की डोर जब प्यार से जुड़ी रहती है तो जीवन आसान लगता है, लेकिन जब इसी डोर में तनातनी और विवाद बढ़ जाता है तो वही रिश्ता इंसान को भीतर से तोड़ देता है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से सामने आया है, जहाँ आज़मगढ़ में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह ने पत्नी से हुए विवाद के बाद फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
Azamgarh-Pratapgarh:ऐसे हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय गाँव निवासी आशीष सिंह, जो मूल रूप से गाँव के राम बहादुर सिंह के पुत्र थे, इस समय आज़मगढ़ जिले में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। बीते शनिवार को वह छुट्टी लेकर अपने गाँव आए थे और गुरुवार को ड्यूटी पर वापस जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी बीच उनकी पत्नी क्षमता, जो इस समय सुल्तानपुर जिले में अपने मायके में थीं, से फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया। परिवारिक रिश्तों में आए इस तनाव ने आशीष को तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि फोन पर हुई इस बहस के तुरंत बाद उन्होंने घर के कमरे में जाकर फांसी लगा ली।
पूरे परिवार में मातम
इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पिता ने अपने बेटे को खोने का दर्द झेला, तो पत्नी पर यह सदमा गहरा वार कर गया। जिन रिश्तों को लोग अपने जीवन की ढाल मानते हैं, वही कभी-कभी जीवन को खत्म करने का कारण बन जाते हैं।
Azamgarh-Pratapgarh:क्या कहती है ये घटना
यह घटना केवल एक अधिकारी की मौत की खबर नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। पारिवारिक रिश्ते मज़बूत तभी रहते हैं जब उनमें संवाद और समझदारी हो। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े और तनाव कभी-कभी बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों में प्यार और धैर्य कितना आवश्यक है।
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